इस वर्ष में उप्र. सरकार और प्रशासनिक अमले की तस्वीर बदल जाएगी। प्रदेश में पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव से पहले मंत्रिमंडल में भी फेरबदल की तैयारी है। जहां नये मंत्रियों के साथ मिशन-27 को लेकर प्राथमिकताएं तय होंगी वहीं, प्रशासनिक ढांचे में भी इस वर्ष बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। दरअसल, पूरे वर्ष में 34 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सेवानिवृत्ति की आयु सीमा पूरी करेंगे। ऐसे में शासन के महत्वपूर्ण पदों पर व्यापक फेरबदल की स्थिति बनेगी। फिलहाल माना जा रहा है कि मकर संक्रांति के बाद योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल की तैयारी है। इसके साथ ही भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन भी होगा। ऐसे में संगठन और सरकार के बीच अदला-बदली का फार्मूला अपनाया जाना स्वाभाविक परंपरा है। समझा जाता है कि दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही फेरबदल संभव है। इसके बाद संगठन के पुनर्गठन और भावी चुनाव को लेकर रणनीतियों पर काम होगा। सूत्रों के मुताबिक, संगठन में कुछ चेहरों को सरकार में लाया जा सकता है, वहीं सरकार के कुछ मंत्रियों को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इस क्रम में निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी का सरकार में शामिल होना प्रमुख है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में वर्ष 2026 एक बड़े परिवर्तन का साल साबित होगा। पूरे वर्ष में 34 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सेवानिवृत्ति की आयु सीमा पूरी करेंगे, जिसके चलते शासन के महत्वपूर्ण पदों पर व्यापक फेरबदल की स्थिति बनेगी। यह फेरबदल मुख्यमंत्री कार्यालय, गृह, वित्त, राजस्व, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, शिक्षा समेत लगभग हर प्रमुख विभाग को प्रभावित करेगा।
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