मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा चलाए गए निरंतर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक जागरूकता अभियानों का सकारात्मक असर सामने आया है। वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में ट्रैफिक नियम उल्लंघन के मामलों में लगभग चार लाख की कमी दर्ज की गई है, जो आमजन में बढ़ती ट्रैफिक जागरूकता को दर्शाता है। परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2024 में जहां कुल 17,58,930 चालान दर्ज किए गए थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 13,78,919 रह गई। इस दौरान विभिन्न प्रवर्तन कार्रवाइयों से लगभग 454.49 करोड़ रुपये की वसूली की गई। विभाग का मानना है कि सीसीटीवी कैमरों, ई-चालान प्रणाली और डिजिटल निगरानी ने नियम पालन को प्रभावी बनाया है। वर्ष 2025 में सबसे अधिक 6,32,901 चालान हेल्मेट न पहनने के मामलों में किए गए। इसके अलावा 1,33,189 चालान सीट बेल्ट उल्लंघन, 3,30,171 ओवरस्पीडिंग, 3,611 ड्रिंक एंड ड्राइव और 56,079 रॉन्ग साइड ड्राइविंग के मामलों में दर्ज हुए। वहीं 14,535 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए। व्यावसायिक वाहनों में ओवरलोडिंग के 54,923 मामले सामने आए, जबकि स्पीड लिमिट डिवाइस न लगाने के 20,431 प्रकरण दर्ज किए गए। वर्ष 2026 में परिवहन विभाग डिजिटल निगरानी और जन-जागरूकता अभियानों को और तेज करेगा। इसकी शुरुआत 1 जनवरी से राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के साथ हो चुकी है। इस दौरान परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण और सूचना विभाग के सहयोग से प्रदेशव्यापी सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। “नो हेल्मेट, नो फ्यूल” अभियान, ब्लैक स्पॉट पर विशेष सतर्कता और स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए सड़क दुर्घटनाओं में और कमी लाने का लक्ष्य तय किया गया है।
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