भीमताल विधानसभा के धारी और रामगढ़ ब्लॉक क्षेत्र में बेमौसमी बारिश, तेज अंधड़ और भारी ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। रविवार शाम करीब पांच बजे अचानक मौसम बदलने के साथ हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से धानाचूली, सुनकिया, बना सहित कई गांवों में खेती को व्यापक नुकसान पहुंचा है। किसानों के अनुसार आलू, मटर, गेहूं और धनिया की फसलें बुरी तरह बर्बाद हो गई हैं। वहीं आड़ू, प्लम, खुबानी और सेब के बौर व फलों को भी भारी क्षति पहुंची है। फलदार पेड़ों पर आए बौर झड़ने से आगामी सीजन की पैदावार पर भी संकट गहरा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धारी और ओखलकांडा क्षेत्र में कई स्थानों पर ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि खेत सफेद चादर से ढक गए। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से किसान हताश हैं और सरकार से राहत की मांग कर रहे हैं। मनोज शर्मा ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में हुए नुकसान का मुआवजा अभी तक नहीं दिया गया है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है। उन्होंने प्रभावित किसानों को बाजार मूल्य के आधार पर तत्काल मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए विशेष कृषि नीति बनाने की भी मांग की। वहीं प्रभावित किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कर नुकसान का आकलन करने और शीघ्र राहत प्रदान करने की अपील की है।
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