पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें अब आम आदमी की जिंदगी पर सीधा असर डाल रही हैं। पहले से महंगे सोने और अन्य जरूरी वस्तुओं के बीच ईंधन की कीमतों में इजाफा महंगाई को ही बढ़ावा देगा। ऐसे में बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग की बात तो हो रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई चुनौतियां भी सामने हैं। सरकार और प्रशासन लोगों से पैदल चलने, साइकिल या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि शहरों और कस्बों में अभी पर्याप्त सुविधाएं विकसित नहीं हो पाई हैं। साइकिल चलाने वालों के लिए सुरक्षित ट्रैक नहीं हैं, जबकि सार्वजनिक परिवहन भी कई क्षेत्रों में सीमित और असुविधाजनक बना हुआ है। काशीपुर में गुरु नानक टूर एंड ट्रैवल्स के वजिंदर सिंह ने बताया कि अभी तक हम 16 रूपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से गाड़ियां भेज रहे थे। जबकि पर्वतीय क्षेत्र में बीस रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से गाड़ियां जा रही थी। अब रेट बढ़ने से दो रुपए प्रति किमी का रेट बढ़ाया जाएगा। सेठी ट्रांसपोर्ट के संदीप सिंह सेठी के मुताबिक डीजल के रेट बढ़ने से माल भाड़े में वृद्धि करनी मजबूरी है। कम से कम लंबी दूरी के लिए रेट में तीन प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। इससे महंगाई और बढ़ेगी। मिहिर पाठक ने बताया कि सरकार ने पहले ही गैस के दाम बढ़ा दिए हैं। अब पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने से आम आदमी और मज़दूर वर्ग पर महंगाई की मार पड़ेगी। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से उन्हें मजबूरी में चाय समोसे के दाम बढ़ाने पड़े हैं। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रदेश संयोजक उत्तराखंड मो. अहमद ने कहा कि सब को सरकार का साथ देना चाहिए, सरकार के ही साथ लोगों को चलना चाहिए,देश के लिए सरकार जो करती है वह अच्छा ही करती है में हमेशा सरकार के साथ हूं और देश की जनता से भी यह ही कहना चाहूंगा कि ऐसे समय मे सरकार साथ देना चाहिए।
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