नए साल के आगमन से पहले देश-विदेश से आए पर्यटकों का सैलाब कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व में उमड़ पड़ा है। बुधवार को कॉर्बेट के सभी प्रमुख जोन – ढिकाला, बिजरानी, झिरना, दुर्गादेवी और ढेला – पूरी तरह पैक नजर आए, जंगल सफारी, प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण में नए साल का स्वागत करने की चाहत ने कॉर्बेट को एक बार फिर पर्यटकों की पहली पसंद बना दिया है। कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने सभी पर्यटकों का स्वागत करते हुए उन्हें नए साल की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक अनमोल धरोहर है और यहां आने वाले पर्यटकों से अपील की कि वे जंगल के नियमों का पालन करें, शोर-शराबे और प्रदूषण से बचें तथा वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करें। निदेशक ने यह भी कहा कि कॉर्बेट सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां की शांति और प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। पर्यटकों का कहना है कि शहरों की भीड़, शोर और प्रदूषण से दूर कॉर्बेट का शांत वातावरण उन्हें मानसिक सुकून देता है। यहां वे प्रकृति के करीब रहकर, खुले जंगल, स्वच्छ हवा और वन्यजीवों के बीच नए साल की शुरुआत करना चाहते हैं। कई पर्यटकों ने बताया कि कॉर्बेट का अनुभव सिर्फ घूमने तक सीमित नहीं, बल्कि यह प्रकृति से जुड़ने का अवसर भी देता है। कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा, सफाई और वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। सफारी गाइड और जिप्सी चालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का पूरी तरह पालन कराया जाए, ताकि वन्यजीवों को किसी भी प्रकार कीपरेशानी न हो। नए साल के जश्न को लेकर कॉर्बेट क्षेत्र के होटलों और रिजॉर्ट्स में भी रौनक बनी हुई है। स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों को इससे अच्छी आमदनी की उम्मीद है। कुल मिलाकर, कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व इस नए साल पर प्रकृति, शांति और रोमांच का अनोखा संगम बनकर उभरा है।
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