योगी सरकार ने यह साबित किया है कि विकास का अर्थ केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करना है। राज्य में ‘कंप्लीट पैकेज मॉडल’ के तहत शिलान्यास से लेकर उद्घाटन तक हर परियोजना को तेजी से जमीन पर उतारा गया है। गंगा एक्सप्रेस-वे इसका ताजा उदाहरण है, जिसका शिलान्यास 18 दिसंबर 2021 को हुआ और 29 अप्रैल 2026 को इसे जनता को समर्पित कर दिया गया। इसी तरह जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन भी रिकॉर्ड समय में किया गया, जिससे यूपी देश का पहला राज्य बन गया, जहां पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट विकसित हो चुके हैं।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (2018–2021) और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (2020–2022) जैसे प्रोजेक्ट समय से पूरे हुए। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन जून 2025 में हुआ, जबकि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे भी अंतिम चरण में है। इन परियोजनाओं के चलते देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में यूपी की हिस्सेदारी लगभग 60% तक पहुंच गई है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट और यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के जरिए प्रदेश रक्षा उत्पादन में भी मजबूत भूमिका निभा रहा है। इन सभी उपलब्धियों ने उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य की छवि से बाहर निकालकर तेजी से विकसित हो रहे राज्य के रूप में स्थापित किया है।
एयरपोर्ट और मेट्रो में बड़ी छलांग
2017 से पहले जहां केवल दो एयरपोर्ट थे, वहीं अब प्रदेश 21 एयरपोर्ट के नेटवर्क की ओर बढ़ रहा है। अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और एक साथ पांच नए एयरपोर्ट का उद्घाटन इसकी मिसाल है। मेट्रो और रैपिड रेल परियोजनाओं में भी तेजी आई है- आगरा मेट्रो और मेरठ मेट्रो शुरू हो चुकी हैं, जबकि अन्य शहरों में विस्तार की योजना है।
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