वाशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के अंदर एक ऐतिहासिक मुलाकात हुई, जहां वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल सौंप दिया। यह कदम राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बन गया है, खासकर तब जब हाल के महीनों में ट्रंप ने माचाडो के प्रति अपना रुख नरम करते हुए उनके वेनेजुएला में नेतृत्व की संभावनाओं पर सवाल उठाए थे।
ट्रंप की भावुक प्रतिक्रिया
मुलाकात के तुरंत बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मारिया कोरीना ने मुझे अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल भेंट किया। यह मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है।” उन्होंने माचाडो को “बहुत बहादुर और शानदार महिला” करार देते हुए कहा कि उन्होंने जीवन में बहुत सारी मुश्किलें झेली हैं, लेकिन हार नहीं मानी।
नोबेल मेडल सौंपने का कानूनी सच
नोबेल संस्थान ने स्पष्ट किया है कि पुरस्कार विजेता अपना मेडल या प्रमाण-पत्र किसी अन्य व्यक्ति को स्थायी रूप से हस्तांतरित नहीं कर सकता। इसलिए यह भेंट पूरी तरह प्रतीकात्मक है। फिर भी, इस कदम को माचाडो की तरफ से ट्रंप को वेनेजुएला के लोकतंत्र के मुद्दे पर फिर से जोड़ने की एक रणनीतिक कोशिश माना जा रहा है। व्हाइट हाउस सूत्रों के अनुसार, ट्रंप इस मेडल को अपने निजी संग्रह में रख सकते हैं।
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