भाजपा जिले में मंडलों का पुनर्गठन करेगी। इसकी कार्रवाई शुरू हो गई है। पुनर्गठन के बाद मंडलों की संख्या बढे़गी। इसके साथ सेक्टर और शक्ति केंद्र भी बढ़ सकते हैं। पुनर्गठन पार्टी की सांगठनिक मजबूती के लिए किए जाने की चर्चा है। अब तक जिले का सांगठनिक ढांचा बड़ा है। बताया गया है कि जिले में कुल 24 मंडल हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्र की चार विधानसभाओं में कुल 20 मंडल हैं। ग्रामीण क्षेत्र में अब बूथों की संख्या बढ़कर 1775 हो गई है। अयोध्या विधानसभा क्षेत्र में महानगर इकाई है। महानगर क्षेत्र में मंडलों की संख्या चार है। यहां बूथों की संख्या बढ़कर अब 418 हो गई है। पुनरीक्षण के बाद जिले में कुल बूथों की संख्या 2194 बताई गई है। भाजपा में सांगठनिक व्यवस्था बूथों के आधार पर की जाती है। भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह ने पुनर्गठन की बात कही है। सांगठनिक मजबूती के लिए अब मंडलों के गठन के लिए जो मानक तय किए गए हैं। उसके मुताबिक एक मंडल का गठन 70 से 80 बूथ तक किया जा सकेगा। गठन विधानसभा वार किए जाने की उम्मीद है। इसलिए कि पहले के मंडलों का गठन भी विधानसभा वार ही किया गया है। पार्टी ने मंडलों के पुनर्गठन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बूथों के आंकडों के हिसाब जिला और महानगर में अब मंडलों की संख्या 28 तक जा सकती है। ग्रामीण क्षेत्र में मंडलों की संख्या 23 और महानगर में पांच तक जा सकती है। भाजपा के जिला महामंत्री राघवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि मंडलों के पुनर्गठन के लिए आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं।
मंडल बढ़ेंगे तो मंडल अध्यक्ष की होगी तैनाती
मंडलों के पुनर्गठन के बाद मंडल अध्यक्ष के साथ अन्य पद बढ़ेंगे। भाजपा ने मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। जितने मंडल अध्यक्ष के नए पद सृजित होंगे। उन पर मंडल अध्यक्ष के साथ उनमें पदाधिकारी और कार्यकाराण भी बनाया जाना तय है।यह काम भी अगले कुछ दिन में होगा।
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