प्रदेश सरकार की विद्युत सखी योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन रही है। अब तक 30 हजार महिलाओं को विद्युत सखी के रूप में पंजीकृत किया जा चुका है। इनमें से 15 हजार से अधिक महिलाएं सक्रिय रूप से फील्ड में काम करते हुए घर-घर जाकर बिजली बिल जमा करा रही हैं। इन महिलाओं ने अब तक 3250 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल संग्रह कर नया रिकॉर्ड बनाया है। सरकार का कहना है कि प्रशिक्षण और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शेष महिलाओं को भी जल्द फील्ड में तैनात किया जाएगा। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बिजली बिल कलेक्शन एजेंट के रूप में जोड़ा गया है इन्हें बिजली बिल संग्रह पर कमीशन भी दिया जाता है। दो हजार रुपये तक के बिल कलेक्शन पर उन्हें 20 रुपये का कमीशन मिलता है, जबकि दो हजार रुपये से अधिक के बिल पर एक प्रतिशत कमीशन दिया जाता है। इस व्यवस्था से हजारों महिलाएं अच्छी आय अर्जित कर रही हैं और कई ‘दीदियां’ लखपति भी बन चुकी हैं।
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