उत्तर प्रदेश में आगामी पांच दिनों तक मौसम शुष्क बने रहने तथा तापमान में लगातार बढ़ोतरी के आसार हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 20 मई तक उष्ण लहर (लू) से लेकर अति उष्ण लहर चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम केंद्र लखनऊ के अनुसार दक्षिणी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हालात गंभीर हो सकते हैं। शहर में शुक्रवार की सुबह अचानक मौसम बदल गया। बादल छाए रहे और हवा चली, लेकिन गर्मी से राहत नहीं मिली। सुबह बादलों की गरज के साथ बारिश के आसार रहे। सुबह का तापमान 35 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया। दोपहर 12 बजे के बाद मौसम बदल गया। हालांकि बादलों के बीच हल्की धूप निकली। तपिश में कुछ कमी तो रही, लेकिन तापमान में 2 डिग्री अधिक रहा। अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री रिकार्ड किया गया। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा रहा। लोग जरूरी काम से खुद का बचाव करते हुए निकले। मौसम विभाग ने अनुसार, पूर्वी हवा रुकने से गर्मी का असर आने वाले दिनों में अधिक बढ़ेगा। एक दो दिन में तापमान 42 डिग्री तक पहुंच सकता है और बारिश भी हो सकती है। गुरुवार को भी अधिकतम तापमान 37 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया था। रात में भी उमस भरी गर्मी रही। इधर, अचानक बदला मौसम देख धान, आम, सब्जी आदि फसलों की तैयारी कर रहे किसानों की चिंता बढ़ गई। तापमान बढ़ने से तैयार आम की फसल को नुकसान होगा। आंधी या बारिश हुई तो पैदावार घटेगी। फल की गुणवत्ता खराब होगी। कीट-रोग भी लगेगा।
कई जिलों में लू के थपेड़े करेंगे बेहाल
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के लखनऊ केंद्र द्वारा शनिवार को जारी प्रभाव आधारित पूर्वानुमान एवं चेतावनी के अनुसार 16 से 19 मई तक पूरे प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, जबकि 20 मई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 16 और 17 मई को पश्चिमी एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी क्षेत्रों में कहीं-कहीं लू चलने की चेतावनी जारी की है। वहीं 18 मई से स्थिति और गंभीर होने के संकेत हैं, जब प्रदेश के कई हिस्सों में व्यापक स्तर पर उष्ण लहर का प्रभाव देखने को मिलेगा।
गर्मी की चपेट में यूपी के बड़े हिस्से
19 और 20 मई को कई जिलों में लू से अति उष्ण लहर की स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। आईएमडी के अनुसार 16 मई को बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जालौन, हमीरपुर, महोबा और झांसी समेत आसपास के क्षेत्रों में लू का प्रभाव अधिक रहेगा। 17 मई को इसका दायरा बढ़ते हुए प्रतापगढ़, जौनपुर, कानपुर नगर, रायबरेली, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा और औरैया तक पहुंच जाएगा। 18 मई से पूर्वांचल और बुंदेलखंड के साथ मध्य यूपी के बड़े हिस्से भी गर्मी की चपेट में आ जाएंगे। मौसम विभाग ने गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, उन्नाव, अमेठी, सुल्तानपुर, कन्नौज, ललितपुर और मैनपुरी सहित कई जिलों में भीषण गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार शुष्क मौसम और तेज धूप के कारण दिन के तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है। पछुआ हवाओं और नमी की कमी के चलते गर्मी का असर और अधिक महसूस किया जा रहा है। दोपहर के समय गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को बेहाल कर सकते हैं। इस बीच चिकित्सकों ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
डिहाइड्रेशन और लू लगने का खतरा
मजदूरों, किसानों और खुले में लंबे समय तक कार्य करने वाले लोगों में डिहाइड्रेशन और लू लगने का खतरा अधिक बताया गया है। चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर में धूप से बचने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, अधिक मात्रा में पानी एवं तरल पदार्थ लेने तथा ओआरएस, छाछ, लस्सी और नींबू पानी का सेवन करने की सलाह दी है वहीं कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को शाम के समय हल्की सिंचाई करने, खेतों में नमी बनाए रखने और पशुओं को छांव में रखने की सलाह दी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार भीषण गर्मी का असर गन्ना, मक्का, उड़द, मूंग, मूंगफली, सूरजमुखी तथा सब्जी फसलों पर पड़ सकता है। अधिक तापमान के कारण फसलों में नमी की कमी, फूल झड़ने और उत्पादन घटने की आशंका है। आम, केला और पपीता जैसी फलों की फसलों पर भी गर्मी का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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