Thursday , October 15 2026

कमजोर ग्लोबल संकेतों के बावजूद हरे निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स 183 अंक चढ़ा, निफ्टी 22,700 के पास, TCS 2% से ज्यादा उछला

वैश्विक बाजारों में मंदी और महंगाई के दबाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को मजबूती के साथ शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया भी मजबूत नजर आया। हालांकि, प्रमुख सूचकांकों में तेजी के बीच स्मॉलकैप और मिडकैप जैसे व्यापक सूचकांकों (broader indices) में सुस्ती देखी गई। 30 शेयरों वाला बीएसई (BSE) सेंसेक्स 183.91 अंक (0.25%) की बढ़त के साथ 72,965.80 पर खुला, जबकि एनएसई (NSE) निफ्टी 50 48.60 अंक चढ़कर 22,671.30 पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 72,781.89 और निफ्टी 22,622.70 के स्तर पर बंद हुए थे। पिछले कारोबारी सत्र में, सेंसेक्स 72,781.89 पर और निफ्टी 50, 22,622.70 पर बंद हुआ था। हालांकि, शुरुआती सत्र में व्यापक सूचकांक (broader indices) लाल निशान में कारोबार करते दिखे। BSE मिडकैप सिलेक्ट इंडेक्स 3.16 अंक नीचे आया, जबकि BSE स्मॉलकैप सिलेक्ट इंडेक्स 17.31 अंक (0.19%) गिरकर 8,995.66 पर आ गया। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में TCS, M&M, HCL टेक, टेक महिंद्रा और रिलायंस में तेजी रही। शुरुआती कारोबार में TCS 2.26% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। दूसरी ओर, सन फार्मा, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, इंडिगो और NTPC में गिरावट देखी गई, जिसमें सन फार्मा 1.08% नीचे रहा। शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख नकारात्मक रहा; NSE पर 1,106 शेयरों में तेजी के मुकाबले 1,188 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 182 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी 50 के शुरुआती संकेतक ‘गिफ्ट निफ्टी’ ने आज नकारात्मक शुरुआत का संकेत दिया। यह पिछले बंद भाव 22,622.50 के मुकाबले 97.5 अंक गिरकर 22,525 पर खुला। बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) बिकवाल बने रहे और 14 अक्टूबर, 2026 को उन्होंने 1,857.44 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) खरीदार बने रहे और उन्होंने 2,670.44 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा, “गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) में बढ़त के चलते बाजार की शुरुआत थोड़ी सकारात्मक हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितता और हाल ही में हुई प्रॉफिट बुकिंग बाजार की तेजी को सीमित कर सकती है। बढ़ती अस्थिरता और FIIs की लगातार बिकवाली पर ध्यान देने की जरूरत है, जबकि DIIs की खरीदारी बाजार को कुछ सहारा दे सकती है। बाजार की चाल उतार-चढ़ाव भरी हो सकती है। निवेशक कंपनियों के नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और अलग-अलग सेक्टर में खरीदारी के रुझान पर नजर रखेंगे।” महंगाई के और खराब होने के संकेतों के बीच, अमेरिकी बाजारों में जुलाई के बाद की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा और वहां भी शेयर गिरे। खबर लिखे जाने के समय, जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) सूचकांक 3,478.29 अंक या 5.13 प्रतिशत गिरकर 64,266 पर आ गया। इसी तरह, हांगकांग का हैंग सेंग (Hang Seng) 367.17 अंक या 1.51 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 481.69 अंक या 8.72 प्रतिशत लुढ़क गया। शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स 74.58 अंक या 1.98 प्रतिशत नीचे आ गया।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com