उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 जुलाई को कहा कि 2017 के बाद से सुल्तानपुर में कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। साथ ही, उन्होंने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर गुंडागर्दी और ज़मीन पर कब्ज़े को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। एक जनसभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले सुल्तानपुर में त्योहारों से पहले अशांति फैलती थी और दुर्गा पूजा व रामनवमी जैसे आयोजनों में बाधा डाली जाती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि गरीब लोग कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित थे, विकास कार्य ठप पड़ गए थे और सुल्तानपुर होते हुए अयोध्या को प्रयागराज से जोड़ने वाले रास्ते की उपेक्षा की गई थी। बुनियादी ढांचे के विकास पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे अब सुल्तानपुर से होकर गुज़रता है, जिससे लोग चार-लेन वाले हाईवे से अयोध्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक लगभग 45 मिनट में, लखनऊ तक डेढ़ घंटे में और वाराणसी तक लगभग दो घंटे में पहुँच सकते हैं। समाजवादी पार्टी की आलोचना करते हुए आदित्यनाथ ने दावा किया कि एक कहावत आम हो गई थी: किसी ‘सपाई’ (SP सदस्य) को देखकर कोई युवती डर से काँप उठती थी, और उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के लोगों की भावना को दर्शाता है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी से जुड़े गुंडे जहाँ भी मौका मिलता, सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा कर लेते थे। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद आदेश दिया गया था कि सरकारी ज़मीन या गरीबों की ज़मीन पर कब्ज़ा करने वाले लोग 24 घंटे के भीतर उसे खाली कर दें, वरना उनके खिलाफ़ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि तब से 64,000 एकड़ ज़मीन वापस हासिल की जा चुकी है। एक उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि लखनऊ एयरपोर्ट के पास 120 एकड़ ज़मीन के एक हिस्से पर समाजवादी पार्टी से जुड़े एक ज़मीन माफ़िया ने कब्ज़ा कर लिया था। उन्होंने बताया कि सरकारी जाँच और FIR दर्ज होने के बाद उस व्यक्ति ने सरेंडर कर दिया। आदित्यनाथ के मुताबिक, अब उस ज़मीन पर उत्तर प्रदेश फ़ोरेंसिक इंस्टीट्यूट बना हुआ है।
GDS Times | Hindi News Latest News & information Portal