हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific) में अपनी रणनीतिक पकड़ और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय नौसेना का आधुनिक पी-8आई (P-8I) समुद्री गश्ती विमान अमेरिका के हवाई (Hawaii) पहुंच चुका है। भारतीय विमान यहाँ अमेरिकी प्रशांत बेड़े द्वारा आयोजित दुनिया के सबसे बड़े नौसैनिक अभ्यास ‘रिम ऑफ द पैसिफिक’ (RIMPAC 2026) में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा है। अमेरिका में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ भारतीय नौसेना की भागीदारी एक स्वतंत्र, मुक्त और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दोहराती है। साथ ही यह साझेदार नौसेनाओं के साथ अंतर-संचालन क्षमता, समुद्री क्षेत्र जागरुकता और सहयोग को मजबूत करती है।’’ रिमपैक 2026 के 30वें संस्करण की थीम ‘साझेदार: एकीकृत और तैयार’ है। इस अभ्यास की शुरुआत 1971 में हुई थी। इस वर्ष 24 जून से 31 जुलाई तक हवाई द्वीपों और उसके आसपास आयोजित हो रहे इस अभ्यास में 30 देश, 30 से अधिक सतही युद्धपोत, पांच पनडुब्बियां, 15 देशों की थल सेनाएं, 206 से अधिक विमान और 30,000 सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं। रिमपैक प्रतिभागी देशों को संयुक्त प्रशिक्षण का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। इसके माध्यम से आपसी सहयोग और संबंधों को मजबूत किया जाता है, जो समुद्री मार्गों की सुरक्षा और विश्व के महासागरों में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। रिमपैक 2026 के कमांडर, कंबाइंड टास्क फोर्सेज (सीसीटीएफ) के वाइस एडमिरल जेफ जैब्लॉन ने एक बयान में कहा,‘‘जटिल और वास्तविक परिस्थितियों में संयुक्त प्रशिक्षण के माध्यम से सहभागी देश अपनी युद्धक तैयारियों को बेहतर बनाते हैं, युद्ध कौशल को और निखारते हैं तथा एक-दूसरे के साथ प्रभावी ढंग से संचालन करने के लिए आवश्यक अंतर-संचालन क्षमता को मजबूत करते हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे कहीं भी और कभी भी मिलकर काम कर सकें।’’
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