रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनका देश भारत के साथ समय की कसौटी पर खरा उतरे संबंधों को और व्यापक बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नयी दिल्ली को रूस के साथ सहयोग घटाने के लिए मजबूर करने के अमेरिकी प्रयास व्यर्थ और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए हानिकारक हैं। पुतिन ने प्रमुख वैश्विक समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत में भारत की आर्थिक वृद्धि और उसकी स्वतंत्र विदेश नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि रूस नयी दिल्ली के साथ अपने आर्थिक संबंधों का विस्तार करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
पश्चिम नहीं दाल पाया कोई दबाव
पुतिन ने कहा, ”भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और वर्तमान में आर्थिक विकास की प्रभावशाली दर प्रदर्शित कर रहा है।” उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार आने वाले वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की ओर अग्रसर है। पुतिन ने कहा कि रूस के साथ संबंधों को सीमित करने के लिए पश्चिम देशों द्वारा भारत पर डाले जा रहे दबाव का मॉस्को ने नकारात्मक परिणाम नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों की ऐसी रणनीति का उल्टा असर होना तय है।
उन्होंने कहा, ”अमेरिका, रूस के साथ सहयोग के मामले में भारत पर दबाव डालने की कोशिश कर रहा है। लेकिन सभी यह समझ चुके हैं कि (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी (और भारत) पर दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय संबंधों और द्विपक्षीय संबंधों के लिए हानिकारक है।” पुतिन ने कहा, ”इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह दबाव कहां से आ रहा है।” उन्होंने कहा, ”हमें इसके कोई नकारात्मक परिणाम नजर नहीं आते।” पुतिन ने कहा, ”इस स्थिति से कोई गंभीर परिणाम नहीं निकल रहे हैं। हम भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहे हैं और ऐसा करना जारी रखेंगे।”
भारत और रूस की दोस्ती में कोई दरार नहीं
रूसी राष्ट्रपति की ये टिप्पणियां भारत-रूस संबंधों को लेकर कुछ पश्चिमी देशों द्वारा व्यक्त की जा रही चिंता के बीच आई हैं। अमेरिका, रूसी कच्चे तेल की खरीद में कटौती करने का भारत से लगातार अपील करता रहा है। रूसी राष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि दिल्ली अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देना जारी रखेगी, और कहा कि अमेरिका के साथ भारत की राजनयिक भागीदारी रूस के साथ उसके (नयी दिल्ली के) समय की कसौटी पर खरे उतरे संबंधों में बाधा नहीं डालती या उन्हें कमजोर नहीं करती है।
अमेरिका से रिश्तों पर क्या बोले पुतिन
पुतिन से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका के साथ भारत का गहरा जुड़ाव रूस के लिए असहज स्थिति पैदा करता है, तो उन्होंने कहा, ”हमें खुशी है कि भारत उन सभी देशों के साथ अपने संबंध विकसित कर रहा है जिन्हें वह अपने राष्ट्रीय हितों के लिए महत्वपूर्ण मानता है।” पुतिन ने कहा कि रूस भारत को एक ”विश्वसनीय साझेदार” मानता है और उसे किसी भी अन्य देश के साथ नयी दिल्ली के द्विपक्षीय संबंधों से कोई नकारात्मक परिणाम नहीं दिखता है। भारत एक महान राष्ट्र और लोकतंत्र है और रूस इसके साथ अपने संबंधों का विस्तार करना जारी रखेगा।”
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