प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों को देश के गौरव और स्वाभिमान के सच्चे शिल्पी बताते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने 18 वर्ष पहले किए गए परमाणु परीक्षणों को भारत के सामर्थ्य का प्रतीक बताया है। पीएम मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा, “वर्ष 1998 में आज के
दिन पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण ने दुनिया को भारत के अद्भुत सामर्थ्य से परिचित कराया। हमारे वैज्ञानिक देश के गौरव और स्वाभिमान के सच्चे शिल्पी हैं।” एक अन्य पोस्ट में उन्होंने प्रौद्योगिकी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस दिन हम अपने वैज्ञानिकों की मेहनत और समर्पण को याद करते हैं। उन्होंने
कहा,’ राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर शुभकामनाएँ। हम गर्व के साथ अपने वैज्ञानिकों की कठोर मेहनत और समर्पण को स्मरण करते हैं, जिनके कारण वर्ष 1998 में पोखरण में सफल परीक्षण संभव हो सके। वह ऐतिहासिक क्षण भारत की वैज्ञानिक उत्कृष्टता और अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था।” प्रधानमंत्री ने कहा कि
प्रौद्योगिकी आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का एक प्रमुख स्तंभ बन चुकी है। यह नवाचार को गति दे रही है, अवसरों का विस्तार कर रही है और विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्र की प्रगति में योगदान दे रही है। हमारी निरंतर प्राथमिकता प्रतिभाओं को सशक्त बनाना, अनुसंधान को प्रोत्साहित करना और ऐसे समाधान विकसित करना है जो
राष्ट्रीय विकास तथा हमारे लोगों की आकांक्षाओं – दोनों की पूर्ति करें। उल्लेखनीय है कि हर वर्ष 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है, जो 1998 में पोखरण में हुए सफल परमाणु परीक्षणों (ऑपरेशन शक्ति) और भारत की तकनीकी प्रगति का प्रतीक है।
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