Monday , May 4 2026

यूपी में 12 मेगा स्किल हब और 63 जिला केंद्र बनेंगे विकास की धुरी, 14,760 करोड़ खर्च करेगी सरकार

योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। ‘सरदार पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ योजना के तहत राज्य में 12 मेगा स्किल हब और 63 जिला स्किल केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं पर करीब 14,760 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य हर वर्ष 10 लाख से अधिक युवाओं को उन्नत और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करना है। यह महत्वाकांक्षी योजना ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर आधारित होगी। इसके तहत लखनऊ, नोएडा, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, मेरठ, सहारनपुर, झांसी, बरेली, मुरादाबाद और गाजियाबाद में मेगा स्किल हब स्थापित किए जाएंगे। इनके साथ 63 जिला स्किल केंद्र ‘स्पोक’ के रूप में कार्य करेंगे, जो स्थानीय स्तर पर युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
इस मॉडल की विशेषता यह है कि इसमें कौशल विकास और औद्योगिक विकास को एक साथ जोड़ा गया है। मेगा हब जहां बड़े स्तर पर उद्योगों को आकर्षित करेंगे, वहीं जिला केंद्र स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देंगे। इससे युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकेंगे। इन केंद्रों में बिजली, पानी, सड़क, इंटरनेट, सुरक्षा और आवास जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही स्टार्टअप सपोर्ट सेंटर, प्लेसमेंट एजेंसियां, रिसर्च एवं डिजाइन सेंटर भी स्थापित होंगे, जिससे प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सीधे रोजगार या स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। सरकार का मानना है कि यह पहल प्रदेश में कौशल विकास की दिशा में बड़ा बदलाव लाएगी और औद्योगिक निवेश के साथ-साथ रोजगार सृजन को नई गति देगी।
आधुनिक और भविष्य आधारित कौशल पर जोर
इन स्किल हब और केंद्रों में पारंपरिक कौशल के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसमें रोबोटिक्स, डेटा एनालिटिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। साथ ही सॉफ्ट स्किल, भाषा प्रशिक्षण और डिजिटल साक्षरता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। योजना को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ से भी जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय उद्योगों को मजबूती मिलेगी और उत्पादों की गुणवत्ता व विपणन में सुधार होगा।
निजी भागीदारी और आधुनिक सुविधाएं
परियोजना के क्रियान्वयन में निजी क्षेत्र की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सरकार बुनियादी ढांचा और प्रारंभिक निवेश उपलब्ध कराएगी, जबकि संचालन और प्रशिक्षण का कार्य निजी भागीदारों के माध्यम से किया जाएगा। शुरुआती पांच वर्षों तक वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के जरिए संस्थानों को सहयोग दिया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com