मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम अनिवार्य किया जाएगा। सात दिवसीय प्रशिक्षण को चरणबद्ध तरीके से लागू करते हुए इसे आगे चलकर प्रमोशन और एसीआर से भी जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंगलवार को ‘मिशन कर्मयोगी’ के अंतर्गत राज्य में अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान ने प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के क्रियान्वयन की स्थिति और आगे की कार्ययोजना प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक दृष्टिकोण के साथ भारतीय लोकाचार में निहित मूल्यों को आत्मसात करते हुए सक्षम, संवेदनशील और परिणामोन्मुख मानव संसाधन तैयार करना है। यह पहल शासन व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप ढालने में निर्णायक भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार कर आईगॉट पोर्टल पर अपलोड करें। उपाम सहित सभी प्रशिक्षण केंद्रों में समयानुकूल कैपेसिटी बिल्डिंग कोर्स विकसित किए जाएं। उन्होंने पाठ्यक्रमों में एआई और साइबर सिक्योरिटी को अनिवार्य रूप से शामिल करने, ‘अमृत ज्ञान कोश’ पर प्रदेश की श्रेष्ठ केस स्टडीज अपलोड करने और प्रशिक्षण की गुणवत्ता, नियमित मूल्यांकन व व्यावहारिक उपयोगिता पर विशेष ध्यान देने को कहा।
फील्ड कर्मियों पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पुलिस कांस्टेबल, पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों से जुड़े फील्ड कर्मियों के लिए व्यवहारिक, कार्य-आधारित और जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाए, ताकि जमीनी स्तर पर सेवाओं की संवेदनशीलता और प्रभावशीलता में निरंतर सुधार हो सके।
3 करोड़ कार्मिकों को जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री को बताया गया कि मिशन कर्मयोगी के तहत केंद्र में 30 लाख से अधिक सिविल सेवकों, राज्यों में लगभग 2.2 करोड़ कार्मिकों तथा शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में लगभग 50 लाख कार्मिकों को क्षमता संवर्धन से जोड़ने का लक्ष्य है। देशभर के 790 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को सुदृढ़ किया जा रहा है। आईगॉट प्लेटफॉर्म पर अब तक 1.45 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हैं। यहां 4,179 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।
यूपी आईगॉट क्रियान्वयन देश का अग्रणी राज्य
बैठक में यह भी बताया गया कि आईगॉट कर्मयोगी के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश से 18.8 लाख से अधिक कार्मिक प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं, जो वर्ष 2025 में देशभर की कुल ऑनबोर्डिंग का 93 प्रतिशत है। वहीं, 10 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने कम से कम एक पाठ्यक्रम पूरा किया है और 72 लाख से अधिक पाठ्यक्रम पूर्ण हुए हैं, जो वर्ष 2025 की देशव्यापी कुल पूर्णताओं का 99 प्रतिशत है।
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