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साल 2022 राजनीति के लिहाज से काफी अहम रहा, इन घटनाओं ने बटोरीं सुर्खियां..

साल 2022 की घड़ियां खत्म हो रही हैं। लोगों को अब इंतजार है नए साल का। भारत के सियासी परिदृश्य की बात करें तो 2022 के घटनाक्रम का प्रभाव 2023 में भी नजर आएगा। वैसे साल 2022 राजनीति के लिहाज से काफी अहम रहा। कई राज्यों में विधानसभा चुनाव और उपचुनाव भी हुए जिनमें कुछ सियासी दलों के लिए 2022 नए अवसर लाया तो कुछ को लिए कड़ी मेहनत का संदेश भी देकर जा रहा है। तो चलिए आपको इस रिपोर्ट में बताते हैं कि वो राजनीतिक घटनाएं कौन सी रहीं जो 2022 में सुर्खियां बनीं।

पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति

साल 2022 में हुए राष्ट्रपति चुनाव के बाद द्रौपदी मुर्मू पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति बनीं। द्रौपदी मुर्मू ने 25 जुलाई को शपथ ली थी जिसके बाद ये सुर्खियों में छाई रहीं। गूगल पर इनके बारे में जानने के लिए लोगों में उत्सुकता देखी गई और इन्हें खूब सर्च किया गया। मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति हैं। मुर्मू ओडिशा के रायरंगपुर की रहने वाली हैं। इसके पहले वो झारखंड की राज्यपाल भी रह चुकी हैं।

पीएम मोदी की सुरक्षा में लापरवाही

5 जनवरी 2022 को पंजाब के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आई थी। फिरोजपुर में कुछ प्रदर्शनकारियों ने उस सड़क मार्ग को बाधित कर दिया था जहां से प्रधानमंत्री के काफिले को गुजरना था। इस वजह से प्रधानमंत्री एक फ्लाईओवर पर 20 मिनट तक फंसे रहे थे। ये मामला भी सुर्खिां बना था और जमकर सियासत भी हुई थी।

हिजाब विवाद

कर्नाटक के उडुपी से हिजाब विवाद की शुरुआत हुई थी। एक स्कूल की कुछ छात्राएं ड्रेस कोड का उल्लंघन कर हिजाब पहनकर आईं। हिजाब पहनकर आई छात्राओं को रोक दिया गया जिसके बाद ये विवाद बढ़ता गया। कर्नाटक में कई जगह प्रदर्शन हुए और फिर ये मुद्दा देश की सियासत का केंद्र बन गया। कर्नाटक से शुरू हुआ हिजाब का ट्रेंड देश के दूसरे राज्यों में भी देखने को मिला और एक के बाद एक इस तरह की कई घटनाएं सामने आईं। ये मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

नूपुर शर्मा विवाद

बीजेपी की प्रवक्ता रहीं नूपुर शर्मा इस साल काफी सुर्खियों में रहीं। दरअसल, उन्होंने एक टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद देश भर में नूपुर शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन हुए। देश के कई हिस्सों में हिंसा हुई और नूपुर मुस्लिम संगठनों और कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गईं। इस विवादित बयान के चलते नूपुर को बीजेपी ने 6 साल के लिए पार्टी से सस्पेंड कर दिया था।

पीएफआई पर बैन

‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ यानी पीएफआई पर सरकार ने सितंबर महीने में प्रतिबंध लगा दिया और इसके 100 से ज्यादा एक्टिव सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। कथित रूप से आतंकी गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। पीएफआई का गठन 22 नवंबर, 2006 को केरल के कोझिकोड में हुआ था। सरकार ने पीएफआई के अलावा रिहैब इंडिया फाउंडेशन (RIF), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI), ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (AIIC), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (NCHRO), रिहैब फांउडेशन केरल नेशनल विमेंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन पर भी प्रतिबंध लगाया है।

बीजेपी ने दर्ज की जीत

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपनी सत्ता बरकरार रखी है। इनमें सबसे अहम यूपी में मिली जीत थी यहां बीजेपी को समाजवादी पार्टी से कड़ी टक्कर मिल रही थी। उत्तरखंड में भी बीजेपी को पूर्ण बहुमत हासिल हुआ और पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार बनी। गोवा में भी प्रमोद सांवत की अगुवाई में एक बार फिर बीजेपी सरकार बनाने में सफल रही। मणिपुर में भी बीजेपी की सरकार बनी।

पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार

साल 2022 में आम आदमी पार्टी ने पंजाब विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की। यहां सत्तारूढ़ कांग्रेस को पराजय का सांमना करना पड़ा। आम आदमी पार्टी ने राज्य की कुल 117 सीटों में से 92 सीटों पर जीत हासिल की और भगवंत मान को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया।

गुजरात में बीजेपी तो हिमाचल में जीती कांग्रेस

2022 के आखिरी महीने में संपन्न गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी के हाथ से हिमाचल की सत्ता फिसल गई। जनता ने कांग्रेस को स्पष्ट जनादेश दिया। वहीं गुजरात में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत हुई। पार्टी ने 182 में से 150 से अधिक सीटें जीतकर इतिहास रच दिया। गुजरात में इतनी बड़ी जीत अब तक किसी सियासी दल को नहीं मिली थी।

महाराष्ट्र में बदल गई सत्ता

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की अगुवाई में चल रही महाविकास अघाड़ी सरकार उस वक्त पटरी से उतर गई जब शिवसेना के कद्दावर नेता और उद्धव के मंत्री एकनाथ शिंदे 28 विधायकों को लेकर गुजरात चले गए। उद्धव खेमे की तरफ से उन्हें मनाने की कोशिशें भी हुईं लेकिन बाद में उन्होंने गुवाहाटी में डेरा डाल दिया। नतीजा ये हुआ कि उद्धव ठाकरे को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा। बीजेपी के सहयोग से एकनाथ शिंदे की अगुवाई में सरकार बनी।

बिहार में सत्ता परिवर्तन

बिहार में नीतीश कुमार एक बार फिर बीजेपी से अलग हो गए। यहां सहयोगी दल बीजेपी से किनारा कर नीतीश ने राष्ट्रीय जनता दल के साथ हाथ मिला लिया। नीतीश ने सत्ता में भागीदार रही बीजेपी को विपक्ष में धकेल दिया और राष्ट्रीय जनता दल के सहयोग से सरकार बना ली। तेजस्वी डिप्टी सीएम बन गए। साथ ही लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को भी कैबिनेट में जगह मिल गई।

कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव और भारत जोड़ो यात्रा

साल 2022 में कांग्रेस पार्टी बदलती हुई नजर आई। सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम रहा कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव। इस चुनाव में पिछले 25 साल बाद गांधी परिवार से बाहर का व्यक्ति पार्टी अध्यक्ष चुना गया है। इस चुनाव कांग्रेस के सीनियर नेता मल्लिकार्जु खरगे और शशि थरूर के बीच सीधा मुकाबला था। मल्किार्जुन खरगे ने शशि थरूर को बड़े अंतर से हरा दिया। इसके अलावा राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा भी सुर्खियों में रही। लंबे अर्से बाद सियासत में ऐसी कोई यात्रा हो रही है। ये यात्रा 7 सितंबर 2022 को कन्याकुमारी से शुरू हुई थी जो 2023 में श्रीनगर में खत्म होगी।

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