उच्चतम न्यायालय की विशेष पीठ बुधवार को केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले से जुड़ी याचिका और आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने से रोके जाने के वाईएसआरसीपी के आरोपों से संबंधित याचिका पर सुनवाई करेगी। न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ वाईएसआरसीपी की उस याचिका पर विचार करेगी, जिसमें आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के 18 अक्टूबर के आदेश को चुनौती दी गई है। उच्च न्यायालय ने नामांकन दाखिल करने की समयसीमा एक दिन बढ़ाने से इनकार कर दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पार्टी ने आरोप लगाया है कि राज्य में हिंसा के कारण उसके उम्मीदवार शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन दाखिल नहीं कर सके। पार्टी ने उम्मीदवारों को पुलिस सुरक्षा देने, समयसीमा बढ़ाने और अतिरिक्त नामांकन केंद्र बनाने की मांग की है। विशेष पीठ दशहरा अवकाश के दौरान विजयन, उनकी बेटी वीणा टी. और दामाद पी. ए. मोहम्मद रियास की याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगी। ये याचिकाएं केरलम उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ हैं, जिसमें कथित रिश्वत मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के एकल न्यायाधीश के निर्देश को चुनौती देने वाली अपीलों की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था। उच्च न्यायालय ने नौ अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट के आधार पर सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद विजयन और उनके परिजनों के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गईं। ईडी ने आरोप लगाया है कि कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) ने सूचना प्रौद्योगिकी परामर्श सेवाओं के नाम पर वीणा की अब बंद हो चुकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को कथित तौर पर 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।
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