उत्तराखंड के धर्मनगरी हरिद्वार और उसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार (9 अक्टूबर) को मौसम ने अचानक ऐसा भयंकर रूप दिखाया कि आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। मूसलाधार बारिश के बाद हुई भीषण ओलावृष्टि ने शहर में भारी तबाही मचाई है। मुट्ठी के आकार के ओले गिरने से न केवल किसानों की फसलें और सब्जियां तबाह हो गईं, बल्कि सड़कों पर खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए और कई घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत हस्तक्षेप किया, वहीं राजनीतिक दलों ने सरकार से प्रभावितों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
बीजेपी नेता ने प्रभावित किसानों से मुलाकात की और उनकी फसलों को हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और अधिकारियों को फसलों को हुए नुकसान का तुरंत विस्तृत सर्वे करने, नुकसान का आकलन करने और किसानों के लिए राहत उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। धामी ने कहा, “संबंधित अधिकारियों को फसलों को हुए नुकसान का तुरंत विस्तृत आकलन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि नियमों के अनुसार प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए ज़रूरी कार्रवाई की जा सके।” दिन की शुरुआत हल्की बारिश के साथ हुई, लेकिन मौसम तेज़ी से खराब हो गया और मुट्ठी के आकार के ओले गिरने लगे, जिससे लोगों को चोट से बचने के लिए शरण लेनी पड़ी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोगों को खराब मौसम के बाद अपनी क्षतिग्रस्त गाड़ियों का जायज़ा लेते हुए देखा गया। एक यूज़र ने कहा, “इन ओलों का आकार चौंकाने वाला है। मौसम कुछ ही मिनटों में खतरनाक हो सकता है।” वहीं दूसरे ने कहा: “आज रुड़की और हरिद्वार के बीच अब तक की सबसे भयानक ओलावृष्टि देखी गई। यहाँ आमतौर पर ऐसी ओलावृष्टि नहीं होती है।” पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ओलावृष्टि ने हरिद्वार सहित राज्य के कई हिस्सों को प्रभावित किया है, जिससे फसलों और सब्जियों के साथ-साथ गाड़ियों और घरों की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। उन्होंने राज्य सरकार से नुकसान का सर्वे करने और भारी नुकसान झेलने वालों को उचित मुआवज़ा देने की अपील की। रावत ने कहा, “आज हरिद्वार और राज्य के कई अन्य हिस्सों में ज़बरदस्त ओलावृष्टि हुई है। आम लोग जलवायु परिवर्तन के बुरे असर का खामियाजा भुगत रहे हैं।” “लोगों की फ़सलें और सब्ज़ियाँ बर्बाद हो गई हैं, कारों और घरों की खिड़कियाँ टूट गई हैं, और लोगों को कई तरह के नुकसान हुए हैं। सरकार को ठीक से सर्वे करना चाहिए और जिन लोगों को ज़्यादा नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवज़ा और मदद देनी चाहिए।” मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ ज़िलों में कुछ जगहों पर भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। तापमान गिर गया है, जिससे सुबह और शाम काफ़ी ठंडी हो गई हैं। मौसम का यह हाल अगले दो दिनों तक बने रहने की संभावना है।
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