पहले सीज़न के फ़ाइनल जैसा ही नज़ारा देखने को मिला, जब गुरुवार को हैदराबाद के पीपल्स प्लाज़ा में आर्चरी प्रीमियर लीग (APL) के दूसरे सीज़न के पहले मैच में राजपूताना रॉयल्स ने पृथ्वीराज योद्धाज़ को 5-3 से हराकर अपने टाइटल को बचाने की शानदार शुरुआत की। शुरुआत में कंपाउंड आर्चर ओजस देवतले और एला गिब्सन रॉयल्स के लिए आगे रहे, और मेटे गाज़ोज़ ने भी अच्छा साथ दिया। धीमी शुरुआत के बाद, अभिषेक वर्मा की कप्तानी वाली योद्धास ने वापसी की और मैच को ‘हिट-ऑर-मिस’ शूट-ऑफ तक ले जाने के करीब पहुँच गए थे, लेकिन तभी मैथियास ग्रांडे ने आखिरी तीर से सिर्फ़ आठ का स्कोर किया। आपको बता दें कि आर्चरी प्रीमियर लीग (APL) का दूसरा सीज़न 8 से 18 अक्टूबर, 2026 तक हैदराबाद में नेकलेस रोड पर पीपल्स प्लाज़ा में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें ओलंपिक पदक विजेता और एशियाई खेलों के स्टार खिलाड़ी शामिल होंगे। इस कॉम्पिटिशन में रिकर्व और कंपाउंड तीरंदाज़ों की मिक्स्ड-जेंडर टीमें एक साथ आती हैं, और हर सेट के लिए 120 सेकंड का समय तय होता है। 4-4 से टाई हुए मैचों का फ़ैसला ‘हिट-ऑर-मिस शूट-ऑफ़’ से होता है, जिससे इस तेज़-तर्रार फ़ॉर्मेट में दबाव और बढ़ जाता है। एशियन गेम्स में भारत के शानदार प्रदर्शन के बाद, APL देश के तीरंदाज़ों को मुक़ाबला करते देखने का एक और मौका देता है। इस बार यह एक फ़्रैंचाइज़ी-बेस्ड कॉम्पिटिशन है, जहाँ टीमवर्क और तेज़ी से फ़ैसला लेना उतना ही ज़रूरी है जितना कि सटीक निशाना लगाना। 2025 के पहले सीज़न से पता चला कि मुक़ाबले कितने कड़े हो सकते हैं। फ़ाइनल में राजपूताना रॉयल्स ने पृथ्वीराज योद्धाज़ को 5-4 से हराया और लीग के ‘हिट-ऑर-मिस शूट-ऑफ़’ से विजेता का फ़ैसला हुआ।
आर्चरी प्रीमियर लीग में कितनी टीमें हिस्सा लेती हैं?
आर्चरी प्रीमियर लीग में छह टीमें (फ्रैंचाइज़ी) शामिल हैं — चेरो आर्चर्स, चोला चीफ्स, काकतीय नाइट्स, माइटी मराठा, पृथ्वीराज योद्धा और मौजूदा चैंपियन राजपूताना रॉयल्स। ये टीमें डबल राउंड-रॉबिन फ़ॉर्मेट में खेलती हैं, जिसमें हर टीम लीग स्टेज के दौरान बाकी पांच टीमों का सामना दो-दो बार करती है। हर टीम 10 मैच खेलती है और हर जीत पर दो पॉइंट हासिल करती है। लीग स्टेज के आखिर में, टॉप चार टीमें सेमी-फ़ाइनल में पहुँचती हैं। लीग स्टैंडिंग से यह तय होता है कि कौन सी टीमें आगे बढ़ेंगी, जबकि अलग-अलग मैचों का फ़ैसला एक अलग सेट-पॉइंट स्कोरिंग सिस्टम से किया जाता है।
APL की क्या खासियत है?
पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में आमतौर पर रिकर्व और कंपाउंड इवेंट अलग-अलग आयोजित किए जाते हैं। APL इन दोनों तरह की तीरंदाजी को एक साथ लाता है, जिसमें टीमों को हर मैच में चार तीरंदाजों को उतारना होता है। टीम में रिकर्व इवेंट के लिए एक पुरुष और एक महिला, और कंपाउंड इवेंट के लिए भी एक पुरुष और एक महिला शामिल होते हैं। इन चार तीरंदाजों में से कम से कम एक विदेशी खिलाड़ी होना ज़रूरी है। इस व्यवस्था के कारण यह प्रतियोगिता सामूहिक प्रदर्शन की परीक्षा बन जाती है। टीमों को चारों तीरंदाजों के योगदान की ज़रूरत होती है, क्योंकि कोई भी इवेंट दूसरे से अलग होकर नहीं खेला जाता।
- रिकर्व और कंपाउंड तीरंदाज़ एक मिक्स्ड टीम फ़ॉर्मेट में एक साथ मुक़ाबला करते हैं।
- हर तीरंदाज़ को अपने तीर चलाने के लिए औसतन सिर्फ़ 15 सेकंड मिलते हैं।
- मैच टाई होने पर ‘हिट-या-मिस’ शूटआउट होता है।
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