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राष्ट्रपति मुर्मू, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और PM मोदी ने दी बधाई, देश ने किया वायु योद्धाओं को नमन

आज भारतीय वायुसेना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के जांबाज वायु योद्धाओं, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। शीर्ष नेतृत्व ने भारतीय वायुसेना के साहस, अनुशासन, पेशेवर दक्षता और देश की सुरक्षा के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को वायुसेना दिवस पर भारतीय वायुसेना के जवानों को बधाई दी तथा कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने देश की सुरक्षा में वायु योद्धाओं के साहस, सटीकता और अभियानगत तैयारियों को प्रदर्शित किया। वायुसेना दिवस आठ अक्टूबर को भारतीय वायुसेना की स्थापना और वायु योद्धाओं के बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है। राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”वायुसेना दिवस पर सभी वायु योद्धाओं, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बधाई। भारतीय वायुसेना ने पेशेवर दक्षता, अनुशासन और तैयारी के उच्च मानकों को कायम रखते हुए देश को अनुकरणीय सेवा दी है।” उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने देश की सुरक्षा में वायु योद्धाओं के साहस, सटीकता और अभियानगत तैयारियों को प्रदर्शित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि इन योद्धाओं ने आपदाओं और मानवीय संकटों के दौरान भी महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की है। मुर्मू ने कहा, ”उनका समर्पण देश के लिए प्रेरणा और गौरव का स्रोत बना हुआ है। भारतीय वायुसेना अपनी सेवा और उत्कृष्टता की गौरवशाली विरासत को लगातार कायम रखे।
उपराष्ट्रपति ने कहा- देश की संप्रभुता की रक्षा में अहम भूमिका
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने बृहस्पतिवार को 94वें वायुसेना दिवस के अवसर पर भारतीय वायुसेना की सराहना करते हुए कहा कि देश की रक्षा के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता प्रेरणादायी है। भारतीय वायुसेना की स्थापना और देश के लिए बलिदान देने वाले उसके कर्मियों की याद में हर साल आठ अक्टूबर को वायुसेना दिवस मनाया जाता है। राधाकृष्णन ने कहा कि भारतीय वायुसेना का साहस, पेशेवर दक्षता और कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण देश की संप्रभुता की रक्षा करने के साथ ही राष्ट्र को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा, ”मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों में भारतीय वायुसेना की भूमिका संकट के समय मानवता की सेवा के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।” उपराष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि भारतीय वायुसेना सफलता की नयी ऊंचाइयों को छूती रहेगी और राष्ट्र की सेवा के प्रति अपने संकल्प पर अडिग रहेगी।
PM मोदी ने ‘एयर वॉरियर्स’ के साहस को किया सलाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वायु सेना दिवस पर भारतीय वायु सेना के कर्मियों के साहस और प्रतिबद्धता को सलाम किया। उन्होंने कहा कि देश को अपने “एयर वॉरियर्स” और भारत के आसमान की सुरक्षा में उनकी समर्पित भूमिका पर गर्व है। श्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक संदेश में कहा, “भारत को अपने वायु सैनिकों पर गर्व है। वायु सेना दिवस पर, हम अपने आसमान की सुरक्षा के लिए उनके साहस और प्रतिबद्धता को सलाम करते हैं!” वायु सेना दिवस हर साल आठ अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन 1932 में भारतीय वायु सेना की स्थापना की याद में और इसके कर्मियों की सेवा, बलिदान और पेशेवर रवैये के सम्मान में मनाया जाता है। पीएम मोदी के संदेश ने राष्ट्रीय सुरक्षा में भारत के सशस्त्र बलों के योगदान को मान्यता देने और देश के आसमान की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करने पर सरकार के ज़ोर को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री की ओर से यह सम्मान ऐसे दिन दिया गया जब देश भारतीय वायु सेना को न केवल उसकी युद्ध-संबंधी भूमिका के लिए, बल्कि मानवीय सहायता, आपदा राहत और देश की सेवा में अन्य मिशनों में उसके निरंतर योगदान के लिए भी सम्मानित करता है।
1932 से आज तक गौरवशाली सफर
हर साल 8 अक्टूबर को वायुसेना दिवस मनाया जाता है। यह दिन वर्ष 1932 में भारतीय वायुसेना की स्थापना की याद में मनाया जाता है। इस मौके पर कई कार्यक्रम और हवाई शो आयोजित किए जाते हैं, जिनमें वायु सेना की परिचालन क्षमताएं दिखाई जाती हैं। साथ ही, सेवारत कर्मियों, पूर्व सैनिकों और ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वालों को श्रद्धांजलि भी दी जाती है। प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारतीय वायु सेना देश की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था का एक अहम स्तंभ बनी हुई है।
आसमान के प्रहरी, हर मोर्चे पर तैयार
भारतीय वायुसेना की जिम्मेदारी सिर्फ देश के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। देश के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा से कहीं आगे तक फैली हुई हैं, जिनमें हवाई श्रेष्ठता बनाए रखना, रणनीतिक एयरलिफ्ट, निगरानी, मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान शामिल हैं। ब्रिटिश काल में 1932 में ‘रॉयल इंडियन एयर फ़ोर्स’ के तौर पर स्थापित इस बल ने आज़ादी के बाद अपना मौजूदा नाम अपनाया और तब से यह एक आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत सैन्य विमानन बल के रूप में विकसित हुआ है। इसकी क्षमताओं में लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट प्लेटफ़ॉर्म, हेलीकॉप्टर, मानवरहित सिस्टम और अत्याधुनिक एयर-डिफेंस व निगरानी उपकरण शामिल हैं। वायु सेना दिवस उन कर्मियों के बलिदान को याद करने का भी मौका है जिन्होंने देश की सेवा में अपनी जान गंवाई है। सेवारत अधिकारी और हवाई योद्धाओं, पूर्व सैनिक और उनके परिवार पारंपरिक रूप से ऐसे कार्यक्रमों के लिए एक साथ आते हैं जो बल की परिचालन तैयारी, पेशेवर रवैये और तकनीकी क्षमताओं को उजागर करते हैं।

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