Wednesday , October 7 2026

तमिलनाडु में CM विजय का ‘कामराज दांव’! DMK को सीधी चुनौती, दक्षिण में नाडर समुदाय पर नजर और BJP समर्थकों को दिखा बड़ा अवसर

तमिलनाडु की राजनीति में बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं. अभिनेता से राजनेता बने और राजनीति में आने के महज दो साल के भीतर सत्ता में पहुंचे मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। उनकी सरकार द्वारा राज्य की महत्वपूर्ण नाश्ता योजना (Breakfast Scheme) का नाम बदलकर पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के दिग्गज नेता के. कामराज के नाम पर रखने का फैसला सिर्फ एक प्रशासनिक रीब्रांडिंग नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी और सोची-समझी रणनीति छिपी है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) द्वारा शुरू की गई इस फ्लैगशिप योजना के केंद्र में नाडर समुदाय और शिक्षा सुधारों के आइकन कामराज को लाकर, विजय द्रविड़ राजनीति के स्थापित गढ़ पर सीधा प्रहार कर रहे हैं। इसके साथ ही वे दक्षिणी तमिलनाडु में मजबूत चुनावी प्रभाव रखने वाले नाडर समुदाय के बीच अपनी पैठ बना रहे हैं। इन घटनाक्रमों पर नज़र रखने वाले भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थकों के लिए, यह कदम पार्टी को कामराज को सिर्फ़ एक तमिल राजनीतिक आइकन से बदलकर एक बड़े OBC प्रतीक के तौर पर पेश करने और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले उनके इर्द-गिर्द एक गठबंधन बनाने का मौका भी देता है। BJP के एक ऐसे ही समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्र सरकार की किसी योजना का नाम के. कामराज के नाम पर रखने की अपील भी की है। 22 सितंबर को, CM विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने ‘मुख्यमंत्री ब्रेकफास्ट स्कीम’ का नाम बदलकर ‘पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम’ करने का आदेश जारी किया। इस प्रोग्राम को पिछली DMK सरकार (एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में) ने सितंबर 2022 में सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए शुरू किया था। अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कषगम’ (TVK) के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद, 15 जुलाई को कामराज की जयंती पर इस योजना का विस्तार कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए किया गया। इसके बाद योजना के साथ कामराज का नाम जोड़ने का फ़ैसला, पहले से चल रही कल्याणकारी योजना में एक राजनीतिक पहलू भी जोड़ता है। 1956 में, कामराज ने मद्रास राज्य में स्कूल मील प्रोग्राम (मिड-डे मील जैसी योजना) का पूरे राज्य में विस्तार करने की पहल की थी, जिसके तहत गरीब प्राइमरी स्कूल के बच्चों को दोपहर का मुफ़्त भोजन दिया जाता था। ‘टीम RD मोदीजी फॉर 2029’ का नेतृत्व करने वाले रवींद्रन दुरईसामी के लिए, विजय का कामराज को चुनने का फ़ैसला कोई इत्तेफ़ाक नहीं, बल्कि सोच-समझकर लिया गया कदम है। “अंबा शंकर कमीशन (1982–1985) के अनुसार, नादर [तमिलनाडु में] दूसरी सबसे बड़ी OBC कम्युनिटी है। आज लगभग 40% नादर ईसाई हैं। यह कम्युनिटी CM विजय की ओर आकर्षित है, जो खुद एक ईसाई हैं। अब अपनी ब्रेकफ़ास्ट स्कीम का नाम कामराज- जो नादर कम्युनिटी के नेता और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री थे- के नाम पर रखकर, विजय DMK को चिढ़ाने और साथ ही हिंदू नादरों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं,” दुरईसामी ने इंडिया टुडे डिजिटल को बताया। रवींद्रन दुरईसामी ‘टीम RD मोदीजी फॉर PM 2029’ के कन्वीनर हैं, जो गुजरात के ‘भारत पदक’ की एक अधिकृत यूनिट है। 21 सदस्यों वाली यह टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सामाजिक समस्याओं और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों के बारे में जानकारी और सलाह देने का काम करती है। दुरईसामी ने इंडिया टुडे डिजिटल को बताया कि उनकी ‘टीम RD मोदीजी फॉर PM 2029’ ने PM मोदी से कर्नाटक में जनता दल (सेक्युलर) के साथ गठबंधन करने और 2024 का लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ने का आग्रह किया था। उनका तर्क था कि इस तरह का गठबंधन कांग्रेस के खिलाफ BJP की चुनौती को मजबूत कर सकता है। आखिरकार, BJP और JD(S) ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए चुनाव-पूर्व गठबंधन किया, जिसमें JD(S) ने कर्नाटक में तीन सीटों पर चुनाव लड़ा।
CM विजय कामराज का इस्तेमाल राजनीतिक संदेश के तौर पर कर रहे हैं
कामराज का राजनीतिक महत्व सिर्फ़ तमिलनाडु में कांग्रेस का नेतृत्व करने वाले मुख्यमंत्री के तौर पर उनके रिकॉर्ड से कहीं ज़्यादा है। वे नादर कम्युनिटी और द्रविड़ियन पार्टियों से अलग राजनीतिक परंपरा से गहराई से जुड़े रहे हैं; द्रविड़ियन पार्टियों का दशकों से तमिलनाडु पर दबदबा रहा है। कामराज की राजनीतिक विरासत कांग्रेस, ग्रामीण विकास, शिक्षा और कल्याण के इर्द-गिर्द बनी थी। राज्य में उनकी छवि का एक खास राजनीतिक फ़ायदा भी है। द्रविड़ियन आंदोलन की विचारधारा वाली शब्दावली को सीधे अपनाए बिना भी उनका ज़िक्र किया जा सकता है। इससे वह विजय के लिए खास तौर पर अहम हो जाते हैं, जो पारंपरिक DMK-AIADMK ढांचे से हटकर TVK की राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस ढांचे पर पूरी तरह से द्रविड़ राजनीति का दबदबा रहा है। दुरईसामी ने इंडिया टुडे डिजिटल को बताया, “विजय ‘द्रविड़-विरोधी’ एजेंडे पर काम कर रहे हैं। तमिलनाडु की राजनीति में, जब कामराज मुख्यमंत्री थे और करुणानिधि व MGR ने DMK शुरू की थी, तब पूरी राजनीति ‘द्रविड़ बनाम द्रविड़-विरोधी’ के इर्द-गिर्द घूमती थी। DMK द्रविड़ राजनीति में अपना दबदबा बनाने में पूरी तरह सफल रही और उसने कामराज को हाशिए पर धकेल दिया। अब विजय DMK के खिलाफ़ वही दांव खेलने की कोशिश कर रहे हैं।”

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com