मध्य पूर्व में जारी रणनीतिक टकराव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास एक बड़ी समुद्री घटना सामने आई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी सैन्य बलों ने एक US-अनुबंधित (US-contracted) वाणिज्यिक पोत को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल से हमला किया। इस हमले में जहाज पर सवार कई कर्मी घायल हो गए हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में वाशिंगटन और तेहरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर है। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जानकारी रखने वाले रक्षा सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस हमले में ईरान द्वारा चार ड्रोन और कम से कम एक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया था
चालक दल के सदस्य घायल
फॉक्स न्यूज ने मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों का हवाला देते हुए बताया कि हमले में चार ईरानी ड्रोन और कम से कम एक मिसाइल शामिल थी। खबरों के मुताबिक, एक प्रोजेक्टाइल सीधे US-अनुबंधित जहाज से टकराया, जो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजर रहा था।
रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि हमले के कारण मामूली चोटें आईं, जिसमें कर्मियों द्वारा धुआं अंदर जाने (smoke inhalation) की घटनाएं भी शामिल हैं; वे वर्तमान में खाड़ी के एक अज्ञात देश में चिकित्सा उपचार प्राप्त कर रहे हैं। घटना के समय जहाज पर कई अमेरिकी व्यक्ति भी सवार थे।
यह समुद्री हमला महीनों से चल रहे सक्रिय सैन्य संघर्ष के बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच लगातार उच्च तनाव के बीच हुआ है। शत्रुता 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुई थी, जिसमें खाड़ी और व्यापक क्षेत्रीय क्षेत्रों में लगातार झड़पें हो रही हैं, और अक्सर आपसी हमलों और जवाबी कार्रवाई के माध्यम से होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास वाणिज्यिक शिपिंग मार्गों में बाधा उत्पन्न हो रही है।इसे भी पढ़ें: फ्री यूपीआई के दावे के बीच ठगा रह गया आम आदमी
अमेरिकी सेना ने दो ईरानी नौकाओं को नष्ट किया
इससे पहले, अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने गोलीबारी की और दो छोटी ईरानी नौकाओं को नष्ट कर दिया, जब उन्होंने कथित तौर पर ईरान के पास के जलक्षेत्र में एक मानवरहित सतह वाहन (unmanned surface vehicle) को ‘चुराने’ का प्रयास किया; यह वाहन रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में गश्त के दौरान अमेरिकी नौसेना द्वारा संचालित किया जा रहा था। एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने CENTCOM के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स के हवाले से कहा, “ईरानी छोटी नौकाओं ने हाल ही में एक अमेरिकी मानवरहित सतह पोत पर कब्जा करने का प्रयास किया, लेकिन CENTCOM की जोरदार प्रतिक्रिया के बाद वे असफल रहे।” हॉकिन्स ने मंगलवार को कहा कि इसमें शामिल ड्रोन एक ‘सेलड्रोन’ (Saildrone) था, जो लगभग 25 फीट (8 मीटर) का एक छोटा मानवरहित क्राफ्ट है और खुद से काम कर सकता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड समुद्री यातायात की निगरानी के लिए कई वर्षों से इस क्षेत्र में ऐसे ड्रोन का उपयोग कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि कमांड द्वारा संचालित सभी सतह ड्रोन ‘पूरी तरह से सुरक्षित हैं’ (उनका हिसाब-किताब सही है)। अमेरिकी सेना लंबे समय से यह दावा करती रही है कि सेलड्रोन पर मौजूद तकनीक व्यावसायिक रूप से उपलब्ध है और प्रकृति में संवेदनशील नहीं है। यह अहम शिपिंग कॉरिडोर दुनिया के लिए एक बहुत ज़रूरी ‘चोक पॉइंट’ (संकीर्ण मार्ग) का काम करता है, जो आम तौर पर दुनिया भर में होने वाले पेट्रोलियम और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के शिपमेंट का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है।
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