तहसील रामनगर क्षेत्र से होकर बहने वाली घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी के जलस्तर में प्रति घंटे करीब एक सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की जा रही है। हालांकि राहत की बात यह है कि नदी अभी भी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है और फिलहाल क्षेत्र में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं बनी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार को घाघरा नदी का जलस्तर 104.690 मीटर रिकॉर्ड किया गया। आयोग के कर्मचारी विवेक कुमार ने बताया कि मानसूनी बारिश के चलते जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। आयोग की टीम नदी की हर घंटे निगरानी कर रही है और जलस्तर का नियमित रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन फिलहाल लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। जलस्तर बढ़ने का असर अब नदी के तटीय इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। कुछ दिन पहले तक जहां कई स्थानों पर घाघरा नदी का जलस्तर काफी कम था, वहीं अब तेजी से पानी बढ़ रहा है। कोरिनपुरवा समेत कई तटीय गांवों के समीप नदी का पानी पहुंच चुका है और बहाव पहले की तुलना में तेज हो गया है। इसके बावजूद किसी भी गांव में अभी तक बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है और ग्रामीणों का जनजीवन सामान्य बना हुआ है। प्रशासन और केंद्रीय जल आयोग की टीम हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान हर वर्ष घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ता है, इसलिए ग्रामीण भी सतर्क हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि बारिश लगातार जारी रही तो आने वाले दिनों में नदी के जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना है।
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