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सीएम धामी ने जी राम जी योजना को लेकर दी जानकारी, MGNREGA से ये कैसे अलग है ये भी बताया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सुभाष रोड स्थित मीडिया सेंटर सचिवालय में विकसित भारत गारंटी का रोजगार एवं आजीविका मिशन के संबंध में पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कहा कि वीबी जी राम जी जो अधिनियम बना है, उसका उद्देश्य केवल मनरेगा का नाम नहीं बदलना है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों और इकाइयों को मजबूत करना है। यह अधिनियम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को विकसित गांव के माध्यम से साकार करने की ठोस कानूनी व्यवस्था है। यह राहत आधारित योजना नहीं है बल्कि विकसित आधारित गारंटी प्रदान करेगी। अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिन नहीं बल्कि 125 दिन का कानूनी रोजगार का अधिकार मिलेगा, जो पहले की तुलना में 25 फीसदी ज्यादा होगा। यदि 15 दिन में काम नहीं मिलता है तो ऐसी स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी कानूनन तय होंगे। अगर धनराशि देने में विलंब होता है तो उसकी भरपाई भी की जाएगी। वेतन का भुगतान साप्ताहिक होगा।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिहाज से भी यह बिल काफी महत्वपूर्ण है, इस अधिनियम में किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। खेती की बुवाई और कटाई के मौसम में अधिकतम 60 दिन की योजना के काम कानूनी रूप से रोके जा सकेंगे, इससे किसानों को मजदूर की कमी नहीं होगी और खेती की लागत भी नहीं बढ़ेगी। इसके अलावा ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी संतुलित रहेगी। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम किसान विरोधी नहीं बल्कि किसानों के प्रति संवेदनशील अधिनियम है और इसमें ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं को असली ताकत प्रदान की गई है। इस योजना में कोई काम थोपे नहीं जा सकेंगे और कम से कम 50 प्रतिशत कार्य सीधे ग्राम पंचायत स्तर पर कराये जा सकेंगे। इसमें जॉब कार्ड, पंजीकरण योजना,योजना निर्माण स्थानीय स्तर पर त्यागी किए जाएंगे, काम की गुणवत्ता अच्छी और उपयोगी हो, उसके लिए इस प्रावधान में उन सभी को गुणवत्ता और उपयोगिता पर आधारित किया गया है। बिखरे हुए 260 प्रकार के काम नहीं होंगे और अब चार स्पष्ट श्रेणियां में काम होंगे। इस बिल में भ्रष्टाचार पर भी सीधा प्रहार किया गया है। बायोमेट्रिक हाजिरी,जीएसआई मेपिंग, मोबाइल एप, डैशबोर्ड के साथ सोशल ऑडिट का प्रावधान किया गया है। इन सभी तकनीको का प्रयोग इसे भ्रष्टाचार मुक्त रोजगार गारंटी योजना बनाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें प्रशासनिक ढांचे को को भी मजबूत किया गया है और इस अधिनियम में महिला सशक्तिकरण पर भी विशेष फोकस किया गया है। पहले प्रशिक्षण ,मानदेय, मॉनिटरिंग के लिए प्रशासनिक खर्च की धनराशि 6 प्रतिशत सुनिश्चित थे लेकिन अब उसे बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है। इससे काम की क्वालिटी भी बढ़ेगी और भुगतान समय पर होगा। इस अधिनियम में हिमालयी राज्यों में 90 फ़ीसदी धनराशि केंद्र सरकार और 10 फ़ीसदी राज्य सरकार वित्तीय सहयोग देगी। जिससे राज्य पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा साथ ही ग्रामीण विकास की दिशा में बेहतर काम होगा। उन्होंने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री कोई भी बेहतर योजना लेकर आते हैं तो कुछ लोग इसका विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष किसी भी योजना में भ्रम फैलाने का काम करता है, लेकिन यह योजना गरीब विरोधी नहीं बल्कि गरीबों के मूल कारण पर करारा प्रहार करती है। यह अधिनियम उत्तराखंड के गांवों को सुरक्षित बनाने जा रहा है।

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