मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ वर्षों में पहचान के संकट और बीमारू राज्य की छवि से निकलकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में स्थान बनाया है। सोमवार को लखनऊ में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के समापन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश ने विकास की लंबी यात्रा तय की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले राजधानी लखनऊ में पुलिस की जमीन पर एक कुख्यात माफिया का कब्जा था। सरकार की कार्रवाई और बुलडोजर अभियान के बाद जमीन मुक्त कराई गई और आज उसी स्थान पर अत्याधुनिक स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट संचालित हो रहा है। उन्होंने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत फॉरेंसिक जांच की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों में मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई हैं। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बन रहा है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई स्थापित की जा रही है, जिसके लिए राज्य सरकार ने करीब 200 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की सामरिक शक्ति बढ़ने के साथ हर वर्ष लगभग 135 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व भी प्राप्त होगा। योगी ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 41 से बढ़कर 83 हो गई है। एक्सप्रेसवे, सड़क, स्वास्थ्य और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने मीडिया और कंटेंट क्रिएटर्स से तथ्यपरक और सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि अंततः सत्य की ही विजय होती है।
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