नवरात्र से सूखे मेवा की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। एक महीने में लगभग बीस प्रतिशत तक दाम बढ़ चुके हैं। पांच दिवसीय दीपोत्सव में मेवा से पकवान, मिष्ठान बनाने के साथ सूखे मेवा गिफ्ट में देने का चलन भी बढ़ा है, जिससे मांग 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ी है। इससे मेवा भाव और बढ़ने की संभावना है। व्यापारियों के अनुसार ईरान समेत खाड़ी देशों से आयात प्रभावित होने के कारण भाव ऊंचाइयां छू रहे हैं।
ठंड में मेवे का बढ़ जाता है उपयोग
सुभाष मार्ग के आढ़ती और लखनऊ किराना कमेटी के सदस्य विनोद अग्रवाल ने कहा कि फिलहाल सूखे मेवे का भाव थमने वाला नहीं है। त्योहार के बाद ठंड भर इसकी मांग बनी रहती है। सर्दियों में हलुआ चलन में होता है। ठंड में गाजर, मूंग के हलवे में भी मेवा का उपयोग भरपूर होता है। अग्रवाल ने कहा कि ईरान समेत खाड़ी देशों में हालात सामान्य न होने के कारण आयात प्रभावित है। सुभाष मार्ग से प्रदेश के कई जनपदों में मेवा की आपूर्ति होती है।
दीपावली में सूखे मेवे की खपत तीस प्रतिशत तक बढ़ जाती है
आढ़ती गोपाल सांवरिया न कहा कि दीपावली पर सूखे मेवे की खपत दीपावली में 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। सामान्य दिनों में जहां 18 से 20 टन खपत होती है, वहीं दीपावली पर खपत 30 से 35 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। यहियागंज, रकाबगंज, सुभाष मार्ग, अमीनाबाद, भूतनाथ, गोमती नगर, तेलीबाग, आलमबाग, चिनहट बाजार जैसे बाजार से प्रतिदिन टनों सूखा मेवा बिकता है।
काजू कतली और मिष्ठान में जमकर होता है मेवा का प्रयोग
मिठाई कारोबारी अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि सूखे मेवे का उपयोग काजू कतली मिठाई में सिर्फ काजू का ही बहुतायत में प्रयोग होता है। इसके अलावा मेवा लड्डू, मेवा बाइट सहित करीब-करीब सभी मिठाइयों में मेवे का प्रयोग अलग-अलग प्रकार से किया जाता है। दालमोठ में भी काजू और अन्य मेवा प्रयोग होता है।
मेवे के दाम कुछ इस प्रकार
मेवा- कीमत प्रति किग्रा
काजू- 850 से 1250 रुपये
बादाम- 1300 से 1700 रुपये
पिस्ता- 1650 से 1850 रुपये
किशमिश- 400 से 500 रुपये
मखाना- 900 से 1400 रुपये
गरी गोला- 450 से 550 रुपये
छुआरा- 300 से 450 रुपये
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