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इधर विपक्ष बेकार का हंगामा करता रह गया, उधर Modi Cabinet ने बड़े फैसले लेकर Diwali से पहले जनता की जेबें भर दीं

इधर विपक्ष बेकार का हंगामा करता रह गया उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 29,267 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय प्रावधान वाले चार अहम फैसलों को मंजूरी दे दी गई। इनमें केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का फैसला सबसे प्रमुख है। महंगाई के बीच दिवाली से पहले मोदी सरकार के इस फैसले से करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को दी।
केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, DA 60 से बढ़कर 63 प्रतिशत
हम आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है। इसके बाद महंगाई भत्ता मूल वेतन के 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। यानी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जुलाई से बढ़ी हुई दर का लाभ मिलेगा।
छठे वेतन आयोग के वेतनमान वाले कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता 262 प्रतिशत से बढ़ाकर 269 प्रतिशत और पांचवें वेतन आयोग के वेतनमान वाले कर्मचारियों के लिए 483 प्रतिशत से बढ़ाकर 497 प्रतिशत किया गया है। इस फैसले से सरकारी खजाने पर सालाना 10,016 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
कंटेनर निर्माण में आत्मनिर्भरता पर 10,000 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने देश में कंटेनर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम को भी मंजूरी दी है। यह योजना 13 वर्षों तक, वित्त वर्ष 2039-40 तक लागू रहेगी। इसका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण क्षमता को मजबूत करना और भारतीय कंटेनरों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाना है। योजना के तहत ब्याज सहायता, परीक्षण एवं प्रमाणन, रियायती दरों पर भूमि और परिचालन खर्च में सहायता दी जाएगी। घरेलू कंटेनर निर्माताओं को शुरुआती वर्षों में लागत के मोर्चे पर राहत देने के लिए 8,891 करोड़ रुपये का परिचालन सहायता प्रावधान रखा गया है। योजना में स्थानीय सामग्री के इस्तेमाल की न्यूनतम सीमा वित्त वर्ष 2031-32 तक 70 प्रतिशत और उसके बाद 90 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
खेल सामान उद्योग को मिलेगा 1,856 करोड़ रुपये का सहारा
साथ ही भारत को उच्च गुणवत्ता वाले खेल सामान के वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी दी गई है। इस योजना पर वित्त वर्ष 2026-27 से 2033-34 तक आठ वर्षों में 1,856 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत चार एकीकृत खेल सामान विनिर्माण क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। पात्र निवेशकों को पूंजीगत सहायता, निर्माताओं को कारोबार आधारित प्रोत्साहन, मौजूदा औद्योगिक क्लस्टरों के उन्नयन, अनुसंधान, कौशल विकास और प्रमाणन में सहायता मिलेगी। पात्र खेल स्टार्टअप को 20 लाख रुपये तक का अनुदान भी दिया जा सकेगा।
2.78 लाख से अधिक ग्रामीण निकायों को मजबूत करने की योजना
इसके साथ ही कैबिनेट ने प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना के लिए 7,395 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दी है। पांच वर्षों, यानी 2026-27 से 2030-31 तक लागू होने वाली इस योजना का लक्ष्य पंचायतों को अधिक सक्षम, जवाबदेह और आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के दायरे में देशभर के 2.78 लाख से अधिक ग्रामीण स्थानीय निकाय और पारंपरिक निकाय आएंगे। इससे करीब 32 लाख निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। पंचायतों की वित्तीय क्षमता, डिजिटल व्यवस्था, ग्रामसभा की भागीदारी, प्रशिक्षण और विकास योजनाओं के बेहतर समन्वय पर जोर दिया जाएगा। इस तरह केंद्रीय मंत्रिमंडल के चार फैसलों के जरिए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आर्थिक राहत देने के साथ कंटेनर निर्माण, खेल सामान उद्योग और ग्रामीण स्थानीय शासन को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है। इन चारों फैसलों का कुल वित्तीय प्रावधान 29,267 करोड़ रुपये है।

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