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चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर आंध्र प्रदेश और ओडिशा में महातैयारी: 4,000 आश्रय स्थल तैयार, NDRF और आपातकालीन बल हाई अलर्ट पर

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ बुधवार तड़के 2 बजे से 4 बजे के बीच तट से टकराने वाला है। इसे देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा ने लगभग 4,000 चक्रवात आश्रय स्थल (साइक्लोन शेल्टर) बनाए हैं, हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और आपदा प्रबंधन कर्मियों को अलर्ट (स्टैंडबाय) पर रखा है। एहतियात के तौर पर भारतीय रेलवे ने इस क्षेत्र में कम से कम 50 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि कई तटीय सड़कों पर यातायात पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। दक्षिण तटीय रेलवे (साउथ कोस्ट रेलवे) ने बुधवार के लिए निर्धारित 24 ट्रेनों को रद्द किया है, वहीं पूर्वी तटीय रेलवे (ईस्ट कोस्ट रेलवे) ने 22 ट्रेनों को रद्द किया है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक दक्षिण-पूर्वी रेलवे ने चार ट्रेनों को रद्द कर दिया है।
चक्रवात ‘अर्नब’ और प्रशासनिक तैयारियों से जुड़ी 10 मुख्य बातें:

  1. ट्रेनों का परिचालन प्रभावित, 50 से अधिक ट्रेनें रद्द
    एहतियाती कदम उठाते हुए भारतीय रेलवे ने प्रभावित क्षेत्रों में कम से कम 50 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। दक्षिण तटीय रेलवे (South Coast Railway) ने बुधवार के लिए निर्धारित 24 ट्रेनों को रद्द किया है, जबकि पूर्वी तटीय रेलवे (East Coast Railway) ने 22 ट्रेनें रद्द की हैं। इसके अतिरिक्त दक्षिण-पूर्वी रेलवे ने भी 4 ट्रेनों की आवाजाही को रोक दिया है।
  2. हवाई उड़ानों पर ब्रेक, हवाई अड्डों पर पसरा सन्नाटा
    तूफानी हवाओं और खराब मौसम के कारण हवाई यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। विजयवाड़ा को चेन्नई और बेंगलुरु से जोड़ने वाली इंडिगो की उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। मंगलवार को विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम हवाई अड्डों पर 21 से अधिक उड़ानें रद्द रहीं, जबकि बुधवार को भी अकेले विजयवाड़ा हवाई अड्डे से 15 उड़ानों को रद्द घोषित किया गया है।
  3. काकीनाडा और विशाखापत्तनम की ओर तेजी से बढ़ रहा है तूफान
    IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार, यह तूफान आंध्र प्रदेश के काकीनाडा से लगभग 140 किमी दक्षिण-पूर्व में और विशाखापत्तनम से 170 किमी दक्षिण में केंद्रित है। यह 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और बुधवार को बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के पास तट को पार करेगा।
  4. आंध्र प्रदेश में 2,000 से अधिक साइक्लोन शेल्टर और मेडिकल टीमें तैनात
    आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य के संवेदनशील 20 जिलों में 2,131 चक्रवात आश्रय स्थल तैयार किए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में 1,087 चिकित्सा टीमों (Medical Teams) को अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही 8,281 आपातकालीन बिस्तर और 1,274 एम्बुलेंस को पूरी तैयारी के साथ तैनात किया गया है।
  5. 600 किमी रेल ट्रैक की निगरानी और 4,000 आश्रय स्थल
    तूफान के खतरे को देखते हुए भारतीय रेलवे ने लगभग 600 किमी लंबी रेल पटरियों को चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी में रखा है ताकि पटरियों के क्षतिग्रस्त होने पर तुरंत त्वरित उपाय किए जा सकें। दोनों राज्यों (आंध्र प्रदेश और ओडिशा) ने मिलकर कुल 4,000 साइक्लोन शेल्टर बनाए हैं, जहां हजारों लोगों को सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है।
  6. गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और 2.70 करोड़ लोगों को अलर्ट मैसेज
    प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने के साथ-साथ विशेष देखभाल के तहत 1,351 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित अस्पतालों में भर्ती कराया है। इसके अतिरिक्त 14,686 राशन की दुकानों पर दो महीने का जरूरी खाद्यान्न स्टॉक कर लिया गया है और लगभग 2.70 करोड़ लोगों के मोबाइल फोन पर सीधे चेतावनी वाले एसएमएस (SMS) भेजे जा रहे हैं।
  7. ओडिशा में बारिश शुरू, 16 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद
    ओडिशा में चक्रवात के प्रभाव से तटीय जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है। सुरक्षा के मद्देनजर राज्य के 30 में से 16 जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है। 48,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालने के लक्ष्य में से अब तक 30,000 से ज्यादा लोगों को साइक्लोन शेल्टरों में शिफ्ट किया जा चुका है। पर्यटकों के समुद्र तटों (Beaches) पर जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
  8. ओडिशा में 294 रेस्क्यू टीमों की भारी तैनाती
    ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (SRC) राजेश पी. पाटिल ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में 135 स्थायी और लगभग 1,600 अस्थायी चक्रवात आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं। स्थिति पर नजर रखने और बचाव कार्यों के लिए 294 बचाव दल मैदान में उतारे गए हैं, जिनमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के 9, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के 60 और अग्निशमन सेवा के 225 दल शामिल हैं।
  9. तटीय इलाकों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और ओलावृष्टि की चेतावनी
    मौसम विभाग ने तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही और तेज हवाओं के झोंकों की आशंका व्यक्त की है। तटीय इलाकों में यातायात और सामान्य जनजीवन पर कड़ी पाबंदियां लगा दी गई हैं ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
  10. तड़के तट से टकराएगा तूफान (Landfall)
    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, ‘अर्नब’ 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को ‘बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान’ (Very Severe Cyclonic Storm) के रूप में पार करेगा, जिसके बाद आने वाले 24 घंटे दोनों राज्यों के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।

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