राजधानी दिल्ली-लखनऊ के बीच सबसे बड़ा मेडिकल हब होने की वजह से शहर बरेली में रक्त आपूर्ति की मांग भी बढ़ रही है। जिला अस्पताल के अलावा कई निजी ब्लड बैंक होने के बाद भी निर्भरता आईएमए के बैंक पर अधिक है और यहां रक्त लेने में वेटिंग की स्थिति नजर आती है। जरूरतमंदों के हित में पुनीत पहल करते हुए आईएमए बरेली जल्द ही अपनी दूसरी ब्लड बैंक शुरू करने जा रहा है, जो आईवीआरआई रोड पर होगी। नई बिल्डिंग बनकर तैयार है, बस आईएमए ब्लड बैंक-2 के शुभारंभ का इंतजार है।
नया ब्लड बैंक लगभग तैयार
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए ) का नया ब्लड बैंक लगभग तैयार हो चुका है। माना जा रहा है कि ब्लड बैंक-2 शुरू होने से मरीजों और तीमारदारों को खून के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सिविल लाइंस स्थित ब्लड बैंक-1 पर भी दबाव किसी हद तक कम हो जाएगा। मौजूदा समय में रक्त के लिए लाइंस स्थित आईएमए ब्लड बैंक में लगातार भीड़ देखी जाती है। मांग अधिक होने की स्थिति में लोगों को अपनी बारी के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है। इससे गंभीर मरीजों के परिजन परेशान रहते हैं। नया ब्लड बैंक शुरू होने से मौजूदा केंद्र पर भीड़ का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है। आईएमए की नव निर्वाचित कमेटी ने इसे पहली प्राथमिकता में रखा है। आईएमए सचिव डा. मोहित अग्रवाल ने अमृत विचार को बताया कि आईवीआरआई रोड पर नए ब्लड बैंक का काम अंतिम चरण में है। नए ब्लड बैंक की एनओसी सहित दूसरे काम शुरु किए जा जा चुके हैं। प्रयास है कि जल्द ही नया ब्लड बैंक मरीज और उनके परिजनों के लिए शुरु करा दिया जाए। नए भवन में चिकित्सकों के लिए स्पोर्ट क्लब की शुरुआत हो भी है। डा. हिमांशु ने बताया कि ब्लड बैंक-1 अपने उच्च मानकों के लिए पहचानी जाती हैं और इसी तरह आईएमए का ब्लड बैंक- 2 भी उत्कृष्ट एवं आधुनिक सेवाओं की मिसाल बनेगा।
मेडिकल हब होने से आ रहे यूके व नेपाल तक के मरीज
बरेली शहर ने मेडिकल क्षेत्र में सबसे ज्यादा तरक्की की है। सरकारी चिकित्सा की कहानी जैसी भी हो मगर निजी चिकित्सा क्षेत्र में नाथनगरी की पहचान मेडिकल हब के रूप में बन चुकी है। यही वजी है कि बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, पीलीभीत के अलावा उत्तराखंड के कुमायूं रीजन और नेपाल से बेहतर चिकित्सा सेवाओं के लिए मरीज व तीमारदार लगातार यहां पहुंच रहे हैं। मरीज बढ़ने से रक्त आपूर्ति की मांग में भी इजाफा हो रहा है। वैसे तो जिला अस्पताल की अपनी ब्लड बैंक भी है मगर निजी अस्पताल यहां का रक्त लेने से बचते हैं। दूसरा, सरकारी ब्लड बैंक में हर समय खून की कमी भी रहती है, जबकि आईएमए के प्रदेश स्तरीय ब्लड बैंक में सभी ग्रुप का खून आसानी से मिल जाता है।
शहर में कई निजी ब्लड बैंक भी संचालित
शहर में आईएमए के अलावा कई अन्य निजी ब्लड बैंक भी संचालित हैं। इसके बावजूद खून की जरूरत के समय तीमारदारों की पहली दौड़ आईएमए की ओर ही रहती है। डेंगू प्रकोप और संक्रामक व दूसरी ऐसी बीमारियों के समय आईएमए पर भीड़ और बढ़ती नजर आती है। आईएमए का ब्लड बैंक के शुरू होने से खून संग्रह और वितरण की क्षमता बढ़ना तय है। नई कमेटी का कहना है कि ब्लड बैंक-2 शुरू होने से जरूरतमंदों को नया विकल्प मिल जाएगा। आईवीआरआई रोड पर आईएमए के नए ब्लड बैंक का काम अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। जिले में लगातार आबादी बढ़ रही है। निजी ब्लड बैंकों में एनएटी टेस्ट की जांच नहीं होती है, जबकि आईएमए ब्लड बैंक में यह जांच भी होती है। नए ब्लड बैंक में भी यह जांच होगी। सभी अस्पतालों से अपील है कि आईएमए ब्लड बैंक से खून लें।
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