Wednesday , September 16 2026

MDL रायगढ़ के Dighi Port पर 27000 करोड़ रुपये में बनाएगी देश का सबसे बड़ा शिपयार्ड

सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में दिघी बंदरगाह पर करीब 27,000 करोड़ रुपये के निवेश से नया जहाज निर्माण क्लस्टर स्थापित करेगी जिससे करीब 90,000 रोजगार पैदा होंगे। राज्य सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एमडीएल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में इस परियोजना के लिए नेशनल शिपबिल्डिंग एंड हेवी इंडस्ट्रीज पार्क महाराष्ट्र लिमिटेड (एनएसएचआईपीएमएल) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत एमडीएल ने दिघी में कम-से-कम 20 लाख टन जहाज निर्माण की वार्षिक क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। परियोजना में बड़े वाणिज्यिक जहाजों का निर्माण किया जाएगा और इससे देश की समुद्री औद्योगिक क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है। यह जहाज निर्माण परिसर महाराष्ट्र समुद्री बोर्ड और मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण द्वारा परियोजना के लिए गठित विशेष प्रयोजन कंपनी एनएसएचआईपीएमएल के जरिये संयुक्त रूप से विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, यह परियोजना आधुनिक जहाज निर्माण अवसंरचना तथा औद्योगिक एवं आपूर्ति श्रृंखला तैयार करेगी। इससे घरेलू जहाज निर्माण क्षमता बढ़ाने, प्रौद्योगिकी और निवेश आकर्षित करने, कुशल रोजगार पैदा करने तथा वैश्विक समुद्री क्षेत्र में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। फडणवीस ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देश का सबसे बड़ा जहाज निर्माण परिसर (शिपयार्ड) बनाएंगी, जहां युद्धपोतों और वाणिज्यिक जहाजों का निर्माण किया जाएगा। शिपयार्ड में जहाज निर्माण के अलावा जहाज तोड़ने, जहाज पुनर्चक्रण और जहाज मरम्मत की गतिविधियां भी होंगी। उन्होंने कहा कि परियोजना से करीब 90,000 रोजगार पैदा होने का अनुमान हैं जिनमें से 15,000 प्रत्यक्ष और 75,000 अप्रत्यक्ष रोजगार होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना देश की समुद्री विकास योजनाओं के तहत प्रस्तावित जहाज निर्माण क्षमता में महाराष्ट्र की करीब 40 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने में मदद करेगी। उन्होंने इसे कोंकण और महाराष्ट्र के लिए ‘बहुत बड़ा समझौता’ बताते हुए कहा कि सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद शिपयार्ड का काम शुरू होगा और परियोजना को पूरा होने में करीब तीन साल लगने की उम्मीद है। एमडीएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कैप्टन जगमोहन ने कहा कि कंपनी सभी हितधारकों के सहयोग से दिघी में आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी जहाज निर्माण सुविधा विकसित करने की दिशा में काम करेगी। एमडीएल ने केंद्र की जहाज निर्माण क्लस्टर विकास योजना के तहत इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए एमओयू किया है।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com