प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में सुरक्षा सहयोग को गहरा करने और आतंकवाद, साइबर सुरक्षा तथा उभरती प्रौद्योगिकियों जैसी साझा चुनौतियों से निपटने में ब्रिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि ब्रिक्स की भारत की अध्यक्षता व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने, ‘ग्लोबल साउथ’ की प्राथमिकताओं को समर्थन देने तथा अधिक सुरक्षित, संरक्षित और समावेशी विश्व के निर्माण में योगदान देने पर केंद्रित होगी। ‘ग्लोबल साउथ’ से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाना जाता है और ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं। मोदी ने यह टिप्पणी ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात के बाद की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से मिलकर प्रसन्नता हुई। बदलते वैश्विक परिदृश्य में सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और आतंकवाद, साइबर सुरक्षा से लेकर उभरती प्रौद्योगिकियों तक की साझा चुनौतियों से निपटने में ब्रिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका है।” ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी यहां ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में भाग लेने के लिए आए हैं। ब्रिक्स में मूल रूप से ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। इसका 2024 में विस्तार हुआ और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हुए, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसमें शामिल हुआ।
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