सरकार ने नीति आयोग का पुनर्गठन करते हुए अशोक कुमार लाहिड़ी को वाइस चेयरमैन तथा पांच पूर्णकालिक सदस्यों की नियुक्ति की है, जिनमें अर्थशास्त्री के वी राजू, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक एम श्रीनिवास और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय करंदीकर शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाहिड़ी और वैज्ञानिक गोबर्धन दास और पूर्व कैबिनेट सचिव राजीव गौबा सहित नए पूर्णकालिक सदस्यों को उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “सरकार ने नीति आयोग का पुनर्गठन किया है। मैं अशोक कुमार लाहिड़ी को उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर शुभकामनाएं देता हूं। साथ ही राजीव गौबा, के वी राजू, गोबर्धन दास, अभय करंदीकर और एम श्रीनिवास को पूर्णकालिक सदस्य बनने पर बधाई देता हूं। मैं सभी के सफल और प्रभावी कार्यकाल की कामना करता हूं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि नीति आयोग भारत की नीतिगत संरचना में एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभरा है, जो सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने, सुधारों को आगे बढ़ाने और जीवन सुगमता को प्रोत्साहित करने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “यह विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार और दीर्घकालिक रणनीतिक सोच के लिए एक गतिशील मंच के रूप में कार्य करता है।” प्रधानमंत्री नीति आयोग के चेयरमैन हैं। नियुक्ति के बाद लाहिड़ी ने शनिवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात की। लाहिड़ी चार दशक से अधिक के अनुभव वाले वरिष्ठ अर्थशास्त्री हैं। वह वर्तमान में पश्चिम बंगाल से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हैं और भारत सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार तथा 15वें वित्त आयोग के सदस्य रह चुके हैं। वह राज्य में जारी विधानसभा चुनावों में प्रत्याशी नहीं हैं।के वी राजू प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य हैं और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार भी हैं। अभय करंदीकर वर्तमान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव हैं। इससे पहले वह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के निदेशक रह चुके हैं। गोबर्धन दास भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल के निदेशक हैं। इससे पहले वह नयी दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में ‘मॉलिक्यूलर मेडिसिन’ के विशेष केंद्र में प्रोफेसर और अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। एम श्रीनिवास देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक हैं और शैक्षणिक, प्रशासनिक तथा अनुसंधान क्षेत्रों में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखते हैं। नियुक्ति के बाद लाहिड़ी ने शनिवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अर्थशास्त्र और सार्वजनिक नीति में उनका व्यापक अनुभव भारत के सुधारों और ‘विकसित भारत’ की दिशा में यात्रा को मजबूत करेगा।
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