प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए सरकार ने ‘न्यू टूरिज्म स्टार्टअप यूनिट्स’ पहल के तहत निवेशकों और युवाओं के लिए बड़े अवसर खोल दिए हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस पहल के तहत ऐसे प्रोजेक्ट्स को प्रोत्साहित किया जाएगा, जो आधुनिक तकनीक, नवाचार और सतत विकास पर आधारित हों। इन परियोजनाओं को राज्य स्तरीय विशेष पर्यटन समिति (एसएलएसटीसी) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जहां प्रोत्साहन और रियायतों का निर्धारण किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजात ने बताया कि सरकार का लक्ष्य पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। वर्तमान में कुल रोजगार में पर्यटन की हिस्सेदारी 1.4 प्रतिशत है, जिसे 2047 तक बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश में ‘हॉबिट हाउस’, जापानी शैली के कैप्सूल स्टे, रीजेनरेटिव टूरिज्म यूनिट्स, अत्याधुनिक कैरावान यूनिट्स और ओपन एयर ‘स्टार बेड’ जैसे अभिनव मॉडल विकसित करने की योजना है। इससे पर्यटकों को नया और यादगार अनुभव मिलेगा।
निवेशकों को आकर्षक सुविधाएं
यूपी पर्यटन नीति के तहत निवेशकों को विभिन्न श्रेणियों में सब्सिडी दी जाएगी। 10 लाख से 10 करोड़ तक निवेश पर 25 प्रतिशत (अधिकतम 2 करोड़), 50 करोड़ तक 20 प्रतिशत (अधिकतम 7.5 करोड़), 200 करोड़ तक 15 प्रतिशत (अधिकतम 20 करोड़) और 500 करोड़ तक 10 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। इसके अलावा 100 प्रतिशत स्टांप शुल्क और भूमि परिवर्तन शुल्क में भी छूट दी जाएगी। महिला और अनुसूचित जाति/जनजाति उद्यमियों को अतिरिक्त 5 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी।
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