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बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ फ्रॉड, नकली सोने पर लिया लाखों का लोन

शहर में गोल्ड लोन के नाम पर बैंक से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। मामले में यह भी पता चला कि ग्राहक नकली सोना बैंक में लोन के लिए रखते थे और एक सुनार इस नकली सोने को असली बताकर लोन निकलवाने में मदद करता था। बाद में ऑडिट के दौरान यह धोखाधड़ी पकड़ी गई। बैंक ऑफ बड़ौदा के नवीन मंडी शाखा के मुख्य प्रबंधक संजीव कुमार ने पुलिस को बताया कि इन्द्रानगर वार्ड नंबर 11 मीनार मस्जिद के पास निवासी आसमा और उजाला नगर वार्ड नंबर 14 निवासी नाजरा ने वर्ष 2022 में बैंक से गोल्ड लोन लिया। दोनों मामलों में गिरवी रखे गए सोने का मूल्यांकन बर्तन बाजार स्थित एक सुनार राजेश कुमार वर्मा ने किया।
उन्होंने मूल्यांकन के दौरान सोने को असली बताया और उसका मूल्य बताया। जिसके आधार पर आसमा को 1.45 लाख और नाजरा को 1.40 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। यह रकम दोनों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। इसके बाद दोनों ने ही लोन की किश्त नहीं दी। बार-बार किश्त न देने की वजह से इन दोनों के ही लोन एकाउंट को 29 दिसंबर 2022 में एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) घोषित कर दिया गया और 20 फरवरी 2023 को रिकॉल नोटिस जारी किया गया। इसके बाद नियमित ऑडिट में पता चला कि बैंक लोन के लिए इन दोनों ने ही जो आभूषण जमा कराए थे वह नकली सोना है। यह भी पता चला कि राजेश कुमवार वर्मा की मदद से झूठी मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करके बैंक को सौंपी गई है। पुलिस ने बैंक शाखा के मुख्य प्रबंधक की तहरीर के आधार पर तीनों ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है और साथ ही जांच शुरू कर दी है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
उत्तराखंड में नकली सोना गिरवी रखकर बैंकों से लाखों रुपये का गोल्ड लोन लेने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। इन मामलों में अक्सर बैंक के अधिकृत सुनारों और जालसाजों की मिलीभगत पाई गई।

  • देहरादून (36.16 लाख रुपये की धोखाधड़ी): नवंबर 2025 में देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक बैंक में नकली सोना जमा कर 36.16 लाख रुपये का लोन लेने का प्रकरण उजागर हुआ। मास्टरमाइंड ने अपने साथियों के साथ मिलकर किश्तों में नकली गहने गिरवी रखे थे।
  • हल्द्वानी में बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक में नकली सोना गिरवी रखने के मामले सामने आए हैं। मई 2025 में पुलिस ने दो लोंगों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से फर्जी हॉलमार्क वाली नकली सोने की चूड़ियां भी बरामद हुईं थीं।
  • हल्द्वानी (केनरा बैंक – 1.40 लाख रुपये): अगस्त 2024 में केनरा बैंक की हल्द्वानी शाखा में एक व्यक्ति ने अधिकृत सुनार की मिलीभगत से 1.40 लाख रुपये का लोन लिया। ऑडिट के दौरान जब दूसरे सुनार से जांच कराई गई, तब सोने के नकली होने का राजफाश हुआ।
    क्या तरीका अपनाते हैं जालसाज
  • आरोपी अक्सर दिल्ली जैसे शहरों से सस्ते नकली गहने खरीदते हैं और उन पर फर्जी हॉलमार्क लगवा लेते हैं।
  • कई मामलों में बैंक द्वारा नियुक्त स्वर्ण परीक्षक जानबूझकर नकली सोने को असली बताकर रिपोर्ट देता है।
  • लोन लेने के लिए फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे कूट रचित दस्तावेजों का उपयोग किया जाता है।

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