‘राष्ट्र उनका सदा ऋणी रहेगा’: राष्ट्रपति ने जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड में प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को सोमवार को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि राष्ट्र सदैव उनका कृतज्ञ रहेगा। मुर्मू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा ”मुझे विश्वास है कि उनकी देशभक्ति की भावना सभी को समर्पण और निष्ठा के साथ राष्ट्र सेवा के मार्ग पर बढ़ने के लिए प्रेरित करती रहेगी।” औपनिवेशिक प्रशासन को दमनकारी शक्तियां प्रदान करने वाले रॉलेट एक्ट के खिलाफ 1919 में आज ही के दिन पंजाब के अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों लोगों पर अंग्रेज सेना ने बिना किसी उकसावे के गोलियां चलाईं थीं। राष्ट्रपति ने अपने पेास्ट में कहा, ”मैं जलियांवाला बाग में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी अमर स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करती हूं। इस घटना ने देशवासियों में नई चेतना का संचार किया और स्वतंत्रता के प्रति दृढ़ संकल्प जगाया। राष्ट्र सदा उनका ऋणी रहेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को जलियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को शोषण के खिलाफ प्रतिरोध के एक अमर प्रतीक के रूप में याद किया। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर साझा किये गये एक संदेश में कहा, ” आज के दिन हम जलियांवाला बाग के बहादुर शहीदों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनका बलिदान हमारे लोगों की अदम्य भावना की एक शक्तिशाली याद दिलाता है। ” उन्होंने कहा कि उनके द्वारा प्रदर्शित साहस और दृढ़ संकल्प पीढ़ियों को स्वतंत्रता, न्याय और सम्मान के मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता रहेगा। अमृतसर में 13 अप्रैल, 1919 को हुआ जलियांवाला बाग हत्याकांड भारत के औपनिवेशिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है। उस दिन सैकड़ों निहत्थे पुरुष, महिलाएं और बच्चे वहां एकत्र हुए थे, तभी जनरल रेजिनाल्ड डायर के नेतृत्व में ब्रिटिश सैनिकों ने बिना किसी चेतावनी के गोलियां चला दीं, जिससे बड़ी संख्या में नागरिक मारे गये और घायल हुए। इस घटना ने पूरे देश में व्यापक आक्रोश पैदा किया, जिसने ब्रिटिश शासन के खिलाफ राष्ट्रवादी भावना को और अधिक मजबूत किया। दशकों से यह स्थल एक पवित्र स्मारक बन गया है, जहां देश भर से लोग उन लोगों को सम्मान देने आते हैं जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी थी। विभिन्न नेताओं और नागरिकों ने भी इस दिन को याद किया और उन शहीदों को नमन किया जिनका बलिदान देश की सामूहिक स्मृति में आज भी गूंजता है।
आदित्यनाथ ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जलियांवाला बाग कांड की बरसी पर उस घटना में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “जलियांवाला बाग के अमर बलिदानियों को कोटि-कोटि नमन।” उन्होंने कहा, “जलियांवाला बाग वह पावन तीर्थ है, जहां असंख्य राष्ट्रभक्तों ने ब्रिटिश हुकूमत की क्रूरता के सामने अदम्य साहस और अद्वितीय त्याग का परिचय देते हुए मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।” मुख्यमंत्री ने कहा, “इन अमर क्रांतिवीरों का बलिदान हम सभी को सदैव राष्ट्रसेवा के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता रहेगा।” उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जलियांवाला बाग कांड के बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ‘एक्स’ पर कहा, “मां भारती की स्वाधीनता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले जलियांवाला बाग नरसंहार के समस्त अमर बलिदानियों को विनम्र श्रद्धांजलि!” उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग कांड के शहीदों का त्याग और बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमिट है, जो सदैव राष्ट्रप्रेम, एकता और स्वतंत्रता के मूल्यों की रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी जलियांवाला बाग कांड के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ‘एक्स’ पर कहा, “जलियांवाला बाग हत्याकांड स्मृति दिवस पर मां भारती की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को शत शत नमन।” उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर अपने श्रद्धांजलि संदेश में कहा, “जलियांवाला बाग: शहादत की अमर गाथा 13 अप्रैल 1919 भारतीय इतिहास का वो काला दिन जिसने आजादी की ज्वाला को और भी दहका दिया। जलियांवाला बाग के उन अमर शहीदों को कोटि-कोटि नमन, जिन्होंने मातृभूमि के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनकी शहादत हमारे दिलों में सदैव जीवित रहेगी।
GDS Times | Hindi News Latest News & information Portal