प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को गांव और ब्लॉक स्तर तक मजबूत बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य के विभिन्न ब्लॉकों में 142 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) स्थापित की जाएंगी। इसके जरिए ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जांच,
पंजीकरण और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। हर बीपीएचयू को करीब 50 लाख रुपये की लागत से हाईटेक बनाया जाएगा। इनमें इंचार्ज कक्ष, रजिस्ट्रेशन रूम, वेटिंग एरिया और सेंट्रल इंटीग्रेटेड लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। खास बात यह है कि इन यूनिटों का निर्माण
मौजूदा पीएचसी और सीएचसी परिसर के भीतर ही किया जाएगा, जिससे पहले से मौजूद स्वास्थ्य ढांचे को और अधिक सक्षम बनाया जा सके।
ब्लॉक स्तर पर आसान होगी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच
पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह के अनुसार, यह योजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इससे ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान होगी और मरीजों की जिला अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने
वाले मरीजों को अब छोटी-बड़ी जांच और प्राथमिक उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी, साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
जिलाधिकारी की निगरानी में होगा निर्माण कार्य
बीपीएचयू का निर्माण कार्य जिला पंचायतों द्वारा स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से कराया जाएगा। सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार जिलाधिकारी की समग्र देखरेख में पूरे किए जाएंगे। इसके साथ ही ब्लॉक और ग्राम पंचायतों को भी योजना निर्माण और निगरानी में शामिल किया जाएगा, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा सके।
क्या बदल जाएगा
- गांव के पास ही जांच, पंजीकरण और इलाज की सुविधा
- जिला अस्पतालों पर भीड़ कम होगी
- ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवा
- स्वास्थ्य ढांचे का ब्लॉक स्तर तक व्यापक कायाकल्प
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