मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत किफायती आवास (एएचपी) और किफायती किराया आवास (एआरएच) घटकों के क्रियान्वयन के लिए नई नीति को मंजूरी दे दी गई। इस नीति के तहत मध्यम और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को शहरों में किफायती दरों पर आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अंतर्गत आवास निर्माण के लिए प्रत्येक लाभार्थी को केंद्र सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं परियोजनाओं में शामिल डेवलपर्स को भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क, मानचित्र स्वीकृति शुल्क और वाह्य विकास शुल्क में छूट दी जाएगी, जबकि लाभार्थियों को स्टाम्प शुल्क में राहत मिलेगी।
किफायती किराया आवास (एआरएच) मॉडल-2 के तहत शहरी गरीबों, कामकाजी महिलाओं, औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारियों तथा ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के परिवारों के लिए निजी व सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा किराये के आवास विकसित किए जाएंगे, जिनका संचालन भी वही संस्थाएं करेंगी।
कांशीराम आवासों से हटेगा अवैध कब्जा
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अधिसूचित न होने के बावजूद कैबिनेट में कांशीराम आवास योजना पर भी चर्चा हुई। योजना के तहत बने आवासों पर अनधिकृत कब्जे हटाकर उन्हें मरम्मत के बाद पात्र दलित परिवारों को पुनः आवंटित करने का निर्णय भी लिया है। सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आवास सुविधा उपलब्ध कराना है।
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