योगी सरकार की समावेशी पहल के तहत 6 से 18 फरवरी तक चले ‘दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0’ के अंतर्गत 13 दिनों में 1162 दिव्यांगजनों को सवेतन रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा गया। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल
ने कहा कि योगी सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह अभियान “सबका साथ, सबका विकास” नीति की पर संचालित हो रहा है और ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। अभियान के सफल संचालन के लिए मिशन निदेशक पुलकित खरे द्वारा सभी
75 जिलों के अधिकारियों के साथ समन्वित रणनीति बनाई गई। समन्वित रणनीति से 856 अतिरिक्त दिव्यांगजन स्वेच्छा से अभियान से जुड़े और उन्हें रोजगार के अवसर मिले। अभियान के तहत रोजगार मेले और प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित किए गए, जिनमें टेलीकॉलर, मशीन
ऑपरेटर, तकनीकी सहायक, हेल्पर और रिटेल सेल्स एसोसिएट जैसे पदों पर चयन हुआ। चयनित अभ्यर्थियों को 9,000 से 21,000 रुपये मासिक वेतन के प्रस्ताव मिले। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के माध्यम से कई युवाओं को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता भी दी गई।
मोबाइल रिपेयरिंग, सिलाई-कढ़ाई, जन सेवा केंद्र, डेयरी और पशुपालन जैसे कार्यों से जोड़ा गया। फतेहपुर, अमरोहा, फर्रुखाबाद, वाराणसी और महाराजगंज जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया। अभियान 1.0 के लाभार्थियों की भी ट्रैकिंग जारी है।
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