20 फरवरी का दिन भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए अत्यंत गौरवशाली है। आज ही के दिन वर्ष 1987 में अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था। ‘उगते सूरज की भूमि’ और ‘पहाड़ी लोगों की भूमि’ के रूप में प्रसिद्ध ये दोनों राज्य सामरिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टि से भारत के अभिन्न अंग हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के लोगों को उनके राज्य की स्थापना दिवस पर बधाई दी और कामना की कि आने वाले समय में ये राज्य विकास की नयी ऊंचाइयों को छूते रहेंगे। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि मनोरम दृश्यों और असाधारण सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध अरुणाचल
प्रदेश परंपरा और प्रकृति के बीच सामंजस्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इसके उत्साही और मेहनती नागरिक राष्ट्र की प्रगति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और साथ ही राज्य की विविध जनजातीय संस्कृति राष्ट्र को अपार समृद्धि प्रदान करती है। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर
पोस्ट किया, ‘‘अरुणाचल प्रदेश के राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं… आशा है कि आने वाले समय में राज्य विकास की नयी ऊंचाइयों को छूता रहेगा।’’ एक अन्य संदेश में प्रधानमंत्री ने मिजोरम के लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मिजोरम
अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और चिरस्थायी सांस्कृतिक परंपराओं के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है और इसकी मजबूत सामुदायिक भावना और सौम्य लोग दया एवं करुणा जैसे मूल्यों का प्रतीक हैं। मोदी ने कहा कि परंपराओं, संगीत और रोजमर्रा की जिंदगी के अन्य पहलुओं में झलकने वाली समृद्ध मिजो विरासत
बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने लिखा, ‘‘आने वाले वर्षों में मिजोरम विकास के पथ पर अग्रसर हो और नयी नयी उपलब्धियां हासिल करे।’’ अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम को 1987 में आज ही के दिन राज्य का दर्जा मिला था।
विकास के पथ पर अग्रसर
आज ये दोनों राज्य ‘अष्टलक्ष्मी’ (पूर्वोत्तर के आठ राज्य) के रूप में भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का प्रमुख हिस्सा हैं। चाहे वह बुनियादी ढांचे का विकास हो, जैविक खेती हो या पर्यटन, अरुणाचल और मिजोरम निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।
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