प्रदेश में ग्रामीण विकास की दिशा अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए 23 लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है। यह केवल रोजगार सृजन नहीं, बल्कि गांवों में महिला नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की मजबूत बुनियाद है। ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था के तहत महिलाओं की भागीदारी अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। मानव दिवस सृजन में महिलाओं की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो यह दर्शाता है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अब महिलाएं केंद्रीय भूमिका निभा रही हैं। महिलाएं सिर्फ श्रमिक नहीं, बल्कि मेट के रूप में निगरानी, प्रबंधन और नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक 32 हजार से अधिक महिला मेट्स को कार्य सौंपा गया है। ये महिलाएं कार्यस्थलों पर श्रमिकों की हाजिरी, काम की गुणवत्ता और प्रबंधन का दायित्व निभा रही हैं। सरकार ने इन महिला मेट्स को 111 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे बैंक खातों में अंतरित की है, जिससे पारदर्शिता और भरोसे की भावना मजबूत हुई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्राथमिकता देकर मेट के रूप में चयन किया जा रहा है।
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