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अरब सागर में उठ रहे खौलते पानी के बुलबुले, रहस्यमयी हलचल से गुजरात तट पर मचा हड़कंप, कुछ बड़ा होने की आशंका?

गुजरात तट से सटे अरब सागर के गहरे पानी में सोमवार को एक ऐसी हलचल देखी गई जिसने सबको स्तब्ध कर दिया है। पालघर जिले के आपदा प्रबंधन विभाग को मछुआरों से कुछ ऐसे वीडियो मिले हैं, जिनमें समुद्र का पानी किसी विशाल कड़ाही की तरह ‘उबलता’ हुआ दिखाई दे रहा है। मछुआरों के अनुसार, यह हलचल अचानक शुरू हुई और समुद्र के एक बड़े हिस्से को कवर कर लिया। पानी की सतह पर सफेद झाग और बड़े-बड़े बुलबुले उठ रहे थे, जो आमतौर पर पानी के नीचे भारी दबाव या गैस निकलने पर देखे जाते हैं।
मछुआरों के अनुसार- यह हलचल अचानक शुरू हुई
पालघर जिले के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि मछुआरों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में समुद्र के बड़े हिस्से में पानी में हलचल होनेऔर बुलबुले निकलते दिख रहा है। उनके अनुसार, ऐसा लगता है मानो पानी ‘उबल’ रहा हो। इस असामान्य गतिविधि ने क्षेत्र में आशंकाएं बढ़ा दी हैं। पालघर जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने इस घटना की गहन जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘देखी गई हलचल अत्यंत असामान्य है और इस पर विशेष समुद्री तथा औद्योगिक एजेंसियों का तत्काल ध्यान देना आवश्यक है।’’ कदम ने बताया कि यह क्षेत्र समुद्री परिवहन मार्गों और मछली पकड़ने के प्रमुख इलाकों के करीब स्थित है। उन्होंने कहा कि ऐसे में आशंका जतायी जा रही है कि यह घटना समुद्र तल से गैस रिसाव, पानी के नीचे भू-वैज्ञानिक गतिविधियों या समुद्र के नीचे बिछी पाइपलाइनों से रिसाव के कारण हो सकती है। उन्होंने कहा कि जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ इस बात का पता लगाने के लिए समुद्री प्राधिकरणों के साथ समन्वय कर रहा है कि यह हलचल प्राकृतिक भू-वैज्ञानिक बदलावों का नतीजा है या किसी मानव-जनित औद्योगिक घटना का संकेत है। अधिकारी ने बताया कि एहतियात के तौर पर उक्त जगह के आसपास से गुजरने वाले जहाजों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं को अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की चिंता: 3 बड़े कारण हो सकते हैं जिम्मेदार
पालघर जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने इस पर चिंता जताते हुए जांच के लिए तीन प्रमुख थ्योरी दी हैं:
गैस रिसाव (Gas Leakage): समुद्र के नीचे प्राकृतिक गैस के भंडार हो सकते हैं, जहां से रिसाव के कारण पानी में बुलबुले उठ रहे हों।
पाइपलाइन में खराबी: इस क्षेत्र में तेल और गैस कंपनियों (जैसे ONGC) की कई अंडरवॉटर पाइपलाइनें बिछी हुई हैं। आशंका है कि किसी पाइपलाइन में दरार आने से यह दबाव बन रहा हो।
भू-वैज्ञानिक गतिविधियां (Undersea Geologic Activity): समुद्र तल के नीचे भूकंपीय हलचल या ज्वालामुखी जैसी गतिविधियों के कारण भी पानी का तापमान और दबाव बदल सकता है।
विशेषज्ञों की नजर में 4 मुख्य खतरे:
सबमरीन गैस लीक (Undersea Gas Leak): सबसे बड़ी आशंका समुद्र के नीचे बिछी प्राकृतिक गैस की पाइपलाइनों में रिसाव की है। इस क्षेत्र में ONGC जैसी कंपनियों का बड़ा नेटवर्क है। अगर यह रिसाव है, तो यह आग लगने या बड़े विस्फोट का कारण बन सकता है।
मीथेन उत्सर्जन (Methane Clathrates): वैज्ञानिकों का मानना है कि समुद्र तल के नीचे जमा मीथेन गैस कभी-कभी भूगर्भीय दबाव के कारण बाहर निकलने लगती है, जिससे पानी ‘उबलता’ हुआ प्रतीत होता है।
ज्वालामुखी या विवर्तनिक गतिविधि (Tectonic Activity): क्या समुद्र के नीचे कोई छोटा ज्वालामुखी सक्रिय हो रहा है? या फिर समुद्र तल की प्लेटों में कोई दरार आई है? पालघर जिला आपदा प्रबंधन प्रमुख विवेकानंद कदम ने इन भू-वैज्ञानिक बदलावों की जांच की मांग की है।
औद्योगिक अपशिष्ट (Industrial Discharge): एक संभावना यह भी है कि किसी बड़े जहाज या तटीय कंपनी ने भारी मात्रा में रसायनिक दबाव छोड़ा हो, हालांकि बुलबुलों की तीव्रता इसे कम संभावित बनाती है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और चेतावनी
जहाजों के लिए अलर्ट: पालघर और गुजरात तट के बीच से गुजरने वाले सभी व्यापारिक जहाजों और नौकाओं को इस ‘हॉटस्पॉट’ से दूर रहने को कहा गया है।
एजेंसियों की जांच: समुद्री सुरक्षा एजेंसियां और तटरक्षक बल (Coast Guard) इस बात का पता लगा रहे हैं कि क्या उस क्षेत्र में किसी पाइपलाइन का दबाव कम हुआ है।

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