महाराष्ट्र की बारामती सांसद सुप्रिया सुले ने उन पर लगाए गए बिटकॉइन घोटाले के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पूर्व आईपीएस अधिकारी रवींद्रनाथ पाटिल ने दावा किया था कि सुप्रिया सुले और महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने 2018 के क्रिप्टोकरेंसी घोटाले से मिले बिटकॉइन का उपयोग विधानसभा चुनावों में फंडिंग के लिए किया। इस मामले ने चुनाव के दिन महाराष्ट्र की राजनीति को गरमा दिया।
सुप्रिया सुले ने इन आरोपों को “झूठे और बेबुनियाद” करार दिया। उन्होंने कहा, “मैं इन आरोपों पर भाजपा के किसी भी प्रतिनिधि के साथ सार्वजनिक मंच पर बहस के लिए तैयार हूं। यह भाजपा की पुरानी रणनीति है कि चुनाव से ठीक पहले झूठी खबरें फैलाकर मतदाताओं को गुमराह किया जाए।”
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने इन आरोपों को लेकर विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) पर निशाना साधा और कांग्रेस और सुप्रिया सुले से जवाब मांगा। इसके जवाब में सुले ने महाराष्ट्र साइबर क्राइम विभाग और चुनाव आयोग को शिकायत भेजी और रवींद्रनाथ पाटिल और गवाह गौरव मेहता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सुप्रिया सुले के वकील ने सुधांशु त्रिवेदी के खिलाफ आपराधिक और दीवानी मानहानि का नोटिस जारी करने की बात कही है। सुले ने कहा, “यह अपमानजनक है कि सुधांशु त्रिवेदी जैसे नेता ने झूठे आरोप लगाए हैं। लेकिन यह हैरान करने वाला नहीं है क्योंकि यह जनता को गुमराह करने का एक साफ मामला है।”
इस बीच, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने इस मामले पर कहा कि वह कथित ऑडियो क्लिप में सुले की आवाज पहचान सकते हैं और गहन जांच की आवश्यकता है। सुले ने इस टिप्पणी को हल्के में लेते हुए कहा, “वे अजीत पवार हैं, वे कुछ भी कह सकते हैं।”
सुले और उनके परिवार ने बारामती में मतदान किया और इन आरोपों के बावजूद आत्मविश्वास व्यक्त किया। मामला महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन गया है।