उत्तर प्रदेश देश के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में उभरा है। प्रदेश में भारत सरकार के पास पंजीकृत स्टार्टअप्स की संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। योगी सरकार की नीतियों, वित्तीय प्रोत्साहन और तकनीकी संस्थानों के सहयोग से युवाओं के बीच उद्यमशीलता को नई गति मिली है। सरकार ने इस इकोसिस्टम को और विस्तार देने के लिए नई स्टार्टअप नीति-2026 लागू की है। इसके तहत नोएडा और लखनऊ में यू-हब (डीप-टेक हब) विकसित किए जाएंगे।
सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को मंजूरी
प्रदेश में 3,500 से अधिक स्टार्टअप ”स्टार्ट-इन-यूपी” के तहत पंजीकृत हैं। वहीं, 88 सरकारी मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटर्स नए उद्यमों को तकनीकी सहयोग, मार्गदर्शन और व्यावसायिक अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। डीपीआईआईटी की स्टार्टअप रैंकिंग में प्रदेश को ”टॉप परफॉर्मर” श्रेणी भी मिली है। सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, मेडिटेक, ड्रोन, 5जी/6जी, ब्लॉकचेन और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आठ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इनमें एसजीपीजीआई में मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हेल्थ टेक्नोलॉजी और आईआईटी कानपुर के नोएडा परिसर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सेंटर संचालित है। सात अन्य सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को मंजूरी दी गई है।
10 जुलाई 2026 को अधिसूचित नई स्टार्टअप नीति के साथ उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन निदेशालय की स्थापना और नोएडा व लखनऊ में यू-हब विकसित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है।
38.34 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद
स्टार्टअप्स और इन्क्यूबेटर्स को अब तक कुल 3,833.525 लाख रुपये यानी करीब 38.34 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसमें 150 स्टार्टअप्स को भरण-पोषण भत्ता, 440 को सीड कैपिटल एवं विपणन सहायता और 111 को प्रोटोटाइप विकास सहायता मिली है। इसके अलावा 59 इन्क्यूबेटर्स को परिचालन व्यय और 16 को पूंजीगत अनुदान दिया गया है। 27 अगस्त को आयोजित स्टार्टअप इकोसिस्टम कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपये से अधिक और नौ इन्क्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन वितरित किए थे।
11 हजार से अधिक महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप
प्रदेश में महिला उद्यमिता भी तेजी से बढ़ रही है। डीपीआईआईटी के आंकड़ों के अनुसार, 11 हजार से अधिक स्टार्टअप महिला नेतृत्व वाले हैं। वहीं, 48 स्टार्टअप्स को सिडबी से वित्तपोषण मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को नवाचार, डीप-टेक और उद्यमशीलता के प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित करना है।
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