उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य तय किया है। शुक्रवार को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में उपमुख्यमंत्री डॉ. केशव प्रसाद मौर्य ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया। इसमें भाजपा ने प्रदेश में विकास, कानून-व्यवस्था, रोजगार और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताते हुए 2027 में फिर से जनादेश मिलने का विश्वास जताया। प्रस्ताव में कहा गया कि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 2027 में पूरा हो रहा है और भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। पार्टी ने समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों पर दुष्प्रचार और प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर विपक्ष को बेनकाब करने का आह्वान किया।
10 लाख युवाओं को नौकरी देने का दावा
राजनीतिक प्रस्ताव में योगी सरकार के करीब दस वर्षों के कार्यकाल में लगभग 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का दावा किया गया। इनमें 2.80 लाख नौकरियां महिलाओं को मिलने की बात कही गई है। भाजपा ने प्रदेश की औसत बेरोजगारी दर 2016-17 के 18 प्रतिशत से घटकर 2.4 प्रतिशत होने का भी उल्लेख किया। प्रस्ताव के मुताबिक, आने वाले सप्ताहों में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में हजारों भर्तियां होंगी, जबकि यूपीपीएससी के माध्यम से भी दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
32 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का दावा
भाजपा ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 2017 के 12.88 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर करीब 32 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का दावा किया। सरकार का लक्ष्य 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने और 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग होने का उल्लेख भी प्रस्ताव में किया गया। इसके अलावा 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग शीघ्र प्रस्तावित बताई गई है।
माफियाओं पर कार्रवाई और कानून-व्यवस्था पर जोर
प्रस्ताव में 2017 से पहले की सपा और बसपा सरकारों पर अपराध, दंगों, माफियाओं को संरक्षण और तुष्टीकरण की राजनीति के आरोप लगाए गए। मुजफ्फरनगर दंगा, मथुरा की घटना और प्रदेश में 1100 से अधिक दंगों का जिक्र करते हुए भाजपा ने मौजूदा सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को अपनी बड़ी उपलब्धि बताया। मिशन शक्ति, महिला हेल्पलाइन और पुलिस में महिलाओं की संख्या 10 हजार से बढ़कर 45 हजार होने का भी उल्लेख किया गया।
किसानों, महिलाओं और बुनियादी ढांचे पर फोकस
प्रस्ताव के अनुसार, प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हैं और गन्ना किसानों को 2017 से अब तक 3.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। पिछले चार वर्षों में 37.49 लाख से अधिक किसानों से धान खरीद और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित नौ लाख से अधिक किसानों को 493 करोड़ रुपये की सहायता डीबीटी से देने का दावा किया गया। किसानों के निजी नलकूपों को मुफ्त बिजली देने और मक्का की एमएसपी पर खरीद का भी उल्लेख है। एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर, ओडीओपी, मेडिकल कॉलेज और एमएसएमई क्षेत्र के विस्तार को विकास की उपलब्धियों में शामिल किया गया। प्रदेश में 35 हजार से अधिक पंजीकृत बड़े कारखाने स्थापित होने की बात भी कही गई।
राम मंदिर और काशी कॉरिडोर का उल्लेख
भाजपा ने अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, चित्रकूट, कुशीनगर और मथुरा के विकास को सांस्कृतिक पुनर्जागरण का हिस्सा बताया। प्रस्ताव में शिक्षकों, सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधाओं, सामाजिक न्याय, ओबीसी-दलित प्रतिनिधित्व तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास का भी उल्लेख किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन किया गया। शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव में भाजपा की छह सीटों पर जीत के लिए विजयी प्रत्याशियों को बधाई दी गई। महिला आरक्षण में धर्म के आधार पर आरक्षण की मांग का विरोध करते हुए सपा पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया गया। प्रस्ताव में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए विपक्ष के कथित अराजक रवैये के खिलाफ ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ का संकल्प भी लिया गया।
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