उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिसिंग को तकनीक, जनसहभागिता और त्वरित कार्रवाई से जोड़ा जा रहा है। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत 30 सितंबर 2026 तक प्रदेश में 12.85 लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। महिला सुरक्षा के मोर्चे पर सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क और 8,694 महिला बीटें संचालित हैं। वहीं, अपराधियों, माफिया गिरोहों और नशे के कारोबार के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की गई है।
ऑपरेशन त्रिनेत्र से अपराधियों पर नजर, महिला सुरक्षा पर जोर
प्रदेश में स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क मजबूत किया जा रहा है। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए 12.85 लाख से अधिक कैमरों के जरिए निगरानी व्यवस्था को विस्तार मिला है। महिला सुरक्षा के लिए सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाई गई हैं और 8,694 महिला बीटें संचालित की जा रही हैं। प्रदेश पुलिस में 19,045 महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति भी की गई है। एंटी रोमियो अभियान में 4.83 करोड़ से अधिक लोगों की जांच
महिलाओं की सुरक्षा और छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एंटी रोमियो अभियान चलाया जा रहा है। अप्रैल 2022 से सितंबर 2026 तक इस अभियान के तहत 4.83 करोड़ से अधिक लोगों की जांच की गई। इस दौरान 19,554 मुकदमे दर्ज हुए और 24,434 लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई।
माफिया की 4,558 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति पर कार्रवाई
माफिया और उनके गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई में भी पुलिस ने बड़े पैमाने पर कदम उठाए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 4,558 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त या ध्वस्त की गई अथवा अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई। इस दौरान 923 मुकदमे दर्ज किए गए और 653 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
मुठभेड़ों में 316 अपराधियों की मौत, 12,821 घायल
मार्च 2017 से सितंबर 2026 के बीच पुलिस कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ों में 316 अपराधी मारे गए, जबकि 12,821 घायल हुए। इसी अवधि में 18 पुलिसकर्मियों ने प्राण गंवाए और 1,949 जवान घायल हुए।
नशे के कारोबार पर कार्रवाई, 3,565 करोड़ रुपये से अधिक के मादक पदार्थ बरामद
नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए भी अभियान चलाया गया। जनवरी 2022 से सितंबर 2026 तक मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में 38,625 मुकदमे दर्ज किए गए। बरामद मादक पदार्थों का अनुमानित मूल्य 3,565 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। वहीं, अवैध शराब के मामलों में 2,89,282 मुकदमे दर्ज किए गए।
सी-प्लान ऐप से 21 लाख से अधिक नागरिक जुड़े
पुलिस और आम लोगों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए सी-प्लान ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए 21.32 लाख से अधिक नागरिकों को जोड़ा गया है। इस पहल का उद्देश्य जनसहभागिता बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर पुलिस व्यवस्था को मजबूत करना है।
पुलिसकर्मियों के उपचार के लिए 340 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान
पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। उपचार के लिए 340.92 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। इसके अलावा गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 127 पुलिसकर्मियों के लिए 4.70 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है। तकनीक, महिला सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और पुलिसकर्मियों के कल्याण से जुड़े ये कदम प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उठाए जा रहे हैं।
GDS Times | Hindi News Latest News & information Portal