शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों में शक्ति आराधना के साथ महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का संदेश भी दिया जाएगा। मिशन शक्ति के तहत योगी सरकार सप्तमी से नवमी तिथि यानी शनिवार से सोमवार तक चयनित मंदिरों में तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराएगी। इन आयोजनों में पारंपरिक देवी गीतों की गायन शैली के साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा। कार्यक्रमों का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान तथा आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना है। हर चयनित मंदिर में तीन स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इस तरह कुल 78 स्थानीय कलाकारों को मंच मिलेगा। इनमें महिला कलाकारों की संख्या अधिक रहेगी। देवी गीतों के पारंपरिक गायन के जरिए लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। लखनऊ के चंद्रिका देवी और संकटा देवी मंदिर तथा प्रयागराज के अलोपी देवी और ललिता देवी मंदिर में तीन-तीन स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। इन चार मंदिरों में कुल 12 कलाकारों को मौका मिलेगा। इसके अलावा अन्य 22 मंदिरों में भी तीन-तीन कलाकार कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि शारदीय नवरात्र आस्था, शक्ति और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा पर्व है। सरकार का प्रयास है कि धार्मिक आयोजनों को सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाया जाए। इन कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करने के साथ स्थानीय कलाकारों, खासकर महिला कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से पारंपरिक देवी गीतों और लोक संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा तथा कलाकारों की आजीविका को भी सहारा मिलेगा।
इन मंदिरों में होंगे तीन दिवसीय कार्यक्रम
मिशन शक्ति के तहत जिन प्रमुख देवी मंदिरों में कार्यक्रम आयोजित होंगे, उनमें मां विंध्यवासिनी देवी-मीरजापुर, विशालाक्षी मंदिर-वाराणसी, ज्वाला देवी-सोनभद्र, सीता समाहित स्थल-सीतामढ़ी (भदोही), अलोपशंकरी देवी-प्रयागराज, ललिता देवी-प्रयागराज, कड़ावासिनी-कौशांबी, देवीपाटन-बलरामपुर, ललिता देवी-नैमिषारण्य (सीतापुर), शाकुंभरी देवी-सहारनपुर, कात्यायनी देवी-मथुरा, मां शीतला चौकिया धाम-जौनपुर, बेल्हा देवी-प्रतापगढ़, महालक्ष्मी देवी मंदिर-वाराणसी, चंद्रिका देवी-उन्नाव, देवकाली मंदिर-औरैया, मां तरकुलहा देवी धाम-गोरखपुर, मां शीतला माता स्थल-मऊ, मां सिंह वाहिनी काली देवी-चित्रकूट, गायत्री शक्तिपीठ-हमीरपुर, बैरागढ़ माता-कोंच (जालौन), कूष्मांडा देवी-घाटमपुर, शीतला माता मंदिर-मैनपुरी, चामुंडा देवी मंदिर-फिरोजाबाद, चंद्रिका देवी मंदिर-लखनऊ और संकटा देवी मंदिर-लखनऊ शामिल हैं।
GDS Times | Hindi News Latest News & information Portal