उत्तर प्रदेश में निवेश का सिलसिला लगातार मजबूत हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उद्योग एवं निवेशक-अनुकूल नीतियों के चलते अब आठ प्रमुख कंपनियों ने गौतमबुद्ध नगर में 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने का निर्णय लिया है। इन परियोजनाओं से 25 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। हरित ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण से जुड़े इन निवेशों को राज्य की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार के अनुसार एचसीएल-फॉक्सकॉन, अवाडा इलेक्ट्रो, एंबर एंटरप्राइजेज, एसएईएल सोलर, ओरियाना पावर, सीईएससी ग्रीन पावर, आईबी सोलर और एसेंट के सर्किट जैसी कंपनियां प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करेंगी या अपने मौजूदा निवेश का विस्तार करेंगी। सरकार का दावा है कि निवेशकों का बढ़ता भरोसा उद्योग-अनुकूल नीतियों, पारदर्शी शासन, विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक गलियारों और समयबद्ध प्रोत्साहन व्यवस्था का परिणाम है।
प्रदेश सरकार की औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन (आईआईईपी)-2022, एफडीआई/फॉर्च्यून-500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 और सेमीकंडक्टर नीति-2024 के तहत इन परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। आठ परियोजनाओं में छह को आईआईईपी-2022, एचसीएल-फॉक्सकॉन को सेमीकंडक्टर नीति-2024 तथा एसेंट के सर्किट को एफडीआई नीति-2023 के तहत सहायता मिलेगी। सबसे बड़ा निवेश हरित ऊर्जा क्षेत्र में अवाडा इलेक्ट्रो लिमिटेड करेगा, जिसने 16,139 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित की है। इससे करीब 7,400 रोजगार सृजित होने का अनुमान है। एसएईएल सोलर 8,000 करोड़ रुपये का निवेश कर लगभग 7,760 लोगों को रोजगार देगा। वहीं ओरियाना पावर (4,500 करोड़ रुपये) और सीईएससी ग्रीन पावर (3,805 करोड़ रुपये) भी प्रदेश के हरित ऊर्जा क्षेत्र को नई मजबूती देंगे। हाईटेक विनिर्माण क्षेत्र में एचसीएल-फॉक्सकॉन (इंडिया चिप प्रा. लि.) 3,706 करोड़ रुपये का निवेश कर सेमीकंडक्टर इकाई स्थापित करेगी, जिससे लगभग 3,000 रोजगार मिलेंगे। एसेंट के सर्किट 3,250 करोड़ रुपये के निवेश से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को विस्तार देगा। वहीं एंबर एंटरप्राइजेज 3,232 करोड़ रुपये तथा आईबी सोलर 3,000 करोड़ रुपये का निवेश कर इलेक्ट्रॉनिक्स और सौर उपकरण निर्माण को गति देंगे। सरकार का कहना है कि इन निवेशों से केवल बड़े उद्योग ही नहीं बढ़ेंगे, बल्कि एमएसएमई इकाइयों, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला और सहायक उद्योगों को भी नई ऊर्जा मिलेगी। आधुनिक लॉजिस्टिक्स, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, औद्योगिक पार्क और कुशल मानव संसाधन के कारण उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
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