प्रदेश सरकार ने ग्रामीण महिला किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए महिला किसान सशक्तीकरण परियोजना (एमकेएसपी) के तहत 15.73 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है। इस राशि में केंद्र सरकार का 9.47wQbNPTDJp9hMYdvogK2hAUiHsGeiybwaWe36bwtRQ3UTpYV7YuZ8FV5j9nauFCWwcjM6dTzpL5s2N79Rp5unwdMvc8ZKUा जारी शासनादेश के अनुसार यह धनराशि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के माध्यम से व्यय की जाएगी। परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं, विशेषकर महिला किसानों को कृषि कौशल, आजीविका के अवसर और आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।
शासन ने निर्देश दिए हैं कि धनराशि का उपयोग चरणबद्ध ढंग से किया जाए तथा सभी व्यय योजना की गाइडलाइन, वित्तीय नियमों और भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हों। साथ ही उपयोगिता प्रमाण पत्र, लक्ष्यों की प्राप्ति और धनराशि के समुचित उपयोग की जिम्मेदारी आयुक्त ग्रामीण विकास एवं मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को सौंपी गई है। सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत कार्यों के लिए किसी अन्य योजना अथवा स्रोत से पहले धनराशि स्वीकृत न हो, ताकि दोहरी फंडिंग की स्थिति उत्पन्न न हो। शासनादेश में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और मितव्ययिता के सिद्धांतों का कड़ाई से पालन करने पर विशेष जोर दिया गया है।
क्या है एमकेएसपी
महिला किसान सशक्तीकरण परियोजना (एमकेएसपी) ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसे दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के उप-घटक के रूप में संचालित किया जाता है। वर्ष 2011 से लागू इस योजना का उद्देश्य महिला किसानों की कृषि एवं आजीविका गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाना और उनके लिए स्थायी आजीविका के अवसर विकसित करना है। योजना के दिशा-निर्देशों के तहत राज्यों और अन्य कार्यान्वयन एजेंसियों को महिला किसानों पर न्यूनतम 30 प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करना होता है।
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